यकीन करना मुश्किल था कि मुझे कैंसर है
नई दिल्ली। अमेरिका में कैंसर का इलाज कराने के बाद भारत लौटे भारतीय किक्रेटर युवराज सिंह मीडिया से मुखातिब हुए। भारतीय किक्रेटर युवराज सिंह ने कहा कि लांस आर्मस्ट्रांग से मुझे प्रेरणा मिली है। युवराज ने कहा कि विश्वास करना मुश्किल था कि मुझे कैंसर है। मेरी मां ने मुझे बहुत ताकत दी।युवी ने अपनी दिल की बात सांझा करते हुए कहा कि मुझे जिदंगी वापस मिली है भगवान का शुक्रिया। मैं अपनी जिंदगी से खुश हूं। युवराज सिंह ने कहा कि खुशकिस्मत था कि कैंसर का जल्दी पता चल गया। तकलीफ के बारे में किसी को नहीं बताया था। शक हो तो कैंसर की इलाज जरूर करवाएं।युवराज ने अपने प्रशंसकों से कहा कि मैं पूरी तरह फिट होकर मैदान में आना चाहता हूं। जल्दी वापस आना आसान नहीं होगा। उम्मीद हैं वापस जरूर आऊंगा। मैच देखता था तो हताशा होती थी। सचिन का लंदन आकर मिला बड़ा आश्चर्य लगा। मैं सचिन से लगातार संपर्क में था। युवराज सिंह ने अपने सभी दोस्तों का शुक्रिया अदा किया और कहा कि अपने अनुभवों पर किताब लिख रहा हूं।डाक्टर रोहतगी का कहना है कि कामयाब रही है कीमाथेरपी। युवी के सकरात्मक सोच ने कैंसर को मात दे दी। बोस्टन में कैंसर का इलाज कराने के बाद युवराज सिंह सोमवार को दिल्ली पहुंचे थे। स्वदेश लौटने पर मां शबनम के अलावा कइयों ने उनका जोरदार स्वागत किया। युवराज 26 जनवरी को कीमोथैरेपी कराने अमेरिका गए थे। युवराज से मिलने महान क्रिकेटर अनिल कुंबले समेत उनके कई दोस्त अमेरिका भी गए थे।

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