शेहला मर्डर में सांसद तरुण विजय को भी लपेटा
आरटीआइ कार्यकर्ता शेहला मसूद मर्डर मिस्ट्री में मुख्य आरोपी जाहिदा परवेज ने फिर धमाका किया है। उसने हत्याकांड में भाजपा सांसद तरुण विजय और विधायक धु्रवनारायण सिंह के शामिल होने के आरोप लगाए हैं। उसके इस बयान पर मध्य प्रदेश में राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने दोनों नेताओं की गिरफ्तारी की मांग के साथ उनके इस्तीफे मांगे हैं।पिछले साल 16 अगस्त को शेहला की हत्या के बाद सीबीआइ इन दोनों नेताओं से पूछताछ कर चुकी है। बुधवार को सीबीआइ ने इंटीरियर डिजाइनर जाहिदा परवेज, उसकी मित्र सबा फारुखी, भाड़े के हत्यारे उपलब्ध कराने वाले शाकिब अली उर्फ डेंजर, शूटर इरफान और ताबिश को इंदौर की अदालत में पेश किया। अदालत जाते वक्त जाहिदा ने पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कहा कि इस हत्याकांड में तरुण विजय और धु्रवनारायण सिंह की बहुत बड़ी भूमिका है। इससे पहले जाहिदा ने अदालत परिसर में कहा था कि वे तो मोहरें हैं। हत्याकांड का मास्टर माइंड कोई और है। उनका कहना था कि सीबीआइ को वे नाम बता चुकी हैं, लेकिन जांच एजेंसी दबाव के कारण कोई कार्रवाई नहीं कर रही। सभी आरोपियों को 24 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।शेहला हत्या के मामले में प्रेम-त्रिकोण की बात सामने आई थी। जाहिदा और शेहला दोनों के विधायक ध्रुवनारायण सिंह से संबंध थे। सीबीआइ ने इस मामले में जो कुछ कहा है, उसमें जाहिदा को विधायक की शेहला से नजदीकियां पसंद नहीं थी। इस कारण उसने शेहला को रास्ते से हटवा दिया। शेहला से पहले वह विधायक की करीबी एक अन्य युवती शुभांगी की हत्या कराना चाहती थी। इस मामले में सीबीआइ विधायक का पॉलीग्राफ टेस्ट करा चुकी है। जांच एजेंसी दोनों नेताओं के बयान भी ले चुकी है।
साकिब का बयान देने से इंकार
इंदौर। भोपाल की आरटीआई कार्यकर्ता शेहला मसूद के हत्याकांड के आरोपियों में शामिल साकिब अली उर्फ डेंजर ने बुधवार को यहां विशेष सीबीआई अदालत में इकबालिया बयान देने से इंकार कर दिया, जबकि मामले की अन्य मुलजिम सबा फारुकी को यह कथन दर्ज कराने के बारे में सोच विचार के लिए 48 घंटे की मोहलत दी गई।सीबीआई के वकील हेमंत कुमार शुक्ला ने बताया कि न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद डेंजर को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट [सीबीआई] डॉ शुभ्रा सिंह की अदालत में पेश किया गया। उस पर आरटीआई कार्यकर्ता के हत्यारों का इंतजाम करने का आरोप है।उन्होंने बताया कि जब अदालत ने डेंजर से पूछा कि क्या वह दंड प्रक्रिया संहिता [सीआरपीसी] की धारा 164 के तहत इकबालिया बयान दर्ज कराना चाहता है तो उसने इससे इंकार कर दिया।शुक्ला ने बताया कि मामले की प्रमुख आरोपी जाहिदा परवेज की राजदार सहेली सबा फारुकी को अदालत ने इकबालिया बयान दर्ज कराने के बारे में किसी फैसले पर पहुंचने के लिए 13 अप्रैल तक की मोहलत दी है। इस तारीख को उसे फिर अदालत में पेश किया जाएगा एवं उससे पूछा जाएगा कि वह यह बयान दर्ज कराना चाहती है या नहीं।उन्होंने बताया कि पिछले दिनों जिला जेल में कथित रूप से सबा के कब्जे से दो मोबाइल फोन मिलने की घटना की सीबीआई और कारागार प्रशासन अपने-अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं।शुक्ला ने बताया कि जाहिदा, सबा एवं डेंजर समेत मामले के सभी पांच आरोपियों को आज विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट [सीबीआई] के सामने पेश किया गया। विशेष अदालत ने सीबीआई की गुहार पर पांचों आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि 24 अप्रैल तक बढ़ा दी।हाई प्रोफाइल मामले के अन्य आरोपियों में भाड़े का कथित हत्यारा इरफान और संदिग्ध कातिल ताबिश खान शामिल हैं। कानपुर से ताल्लुक रखने वाला खान भोपाल निवासी डेंजर का चचेरा भाई है।

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