पद्म श्री साकर खां का अभिनंदन
जैसलमेर के हमीरा गांव निवासी कमायचा वादक साकर खां को कला के क्षेत्र में मिला पद्मश्री ञ्चखां 100 से अधिक देशों में अपनी कला का बिखेर चुके हैं जलवा
जैसलमेर के लोक कलाकार कमायचा वादक साकरखां का जैसलमेर पहुंचने पर स्वागत किया गया। जिला मुख्यालय पर पहुंचते ही लोगों ने साकर खां को फूल मालाओं से लाद दिया तथा उनके अभिनंदन में शोभायात्रा निकाली। गड़सीसर चौराहा से निकाली गई शोभायात्रा आसनी रोड़, गोपा चौक, सदर बाजार होती हुई हनुमान चौराहा पहुंची। साकर खां के स्वागत में शहरवासियों ने जगह-जगह स्वागत द्वार भी लगाए थे। साकर खां का शहर में भी जगह-जगह अभिनंदन किया गया। शोभायात्रा में स्थानीय लोक कलाकारों लोक वाद्य यंत्रों पर लोकधुनों की मधुर स्वर लहरियां बिखरे रहे थे। गौरतलब है कि 4 अप्रेल को कमायचा वादक साकर खां को कला के क्षेत्र में प्रतिष्ठित पदमश्री अवार्ड से राष्ट्रपति द्वारा नवाजा गया था। पोकरणत्न राष्ट्रपति से पदमश्री का पुरस्कार लेकर लौटे लोक कलाकार साकर खां का पोकरण पहुंचने पर लोगों द्वारा ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। कमायचा वाद्ययंत्र के धनी साकर खां को बुधवार को दिल्ली में राष्ट्रपति द्वारा पदमश्री के पुरस्कार से नवाजा गया। हमीरा गांव में जन्मे साकर खां ने जैसलमेर का नाम पूरे भारत ही नहीं अपितु पूरे विश्व में गूंजा दिया। 100 से अधिक देशों में अपनी कला का परचम फहरा चुके साकर खां के गुरुवार को सुबह पोकरण पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने स्वागत किया गया। इस अवसर पर जगदीश राजपुरोहित, गोमट सरपंच इस्माइल खां, वेणीदान रतनू, इस्माइल खां, गणपत गर्ग, सुमेरदान, बाबू खां सिनावड़ा, नंदकिशोर गांधी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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