निर्दोषों को गिरफ्तार करना तानाशाही: गहलोत
बालोतरा
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंत्री राजेंद्र गहलोत ने मजदूरों व व्यवसायियों के प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज की निंदा की। वे बालोतरा प्रवास के दौरान सोमवार को स्थानीय डाक बंगले में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बालोतरा में मुख्य उद्योग कपड़े का है। इस उद्योग से करीब 80 से 90 हजार लोग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार पा रहे हैं। पिछले दो माह से उद्योग बंद होने से हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। ऐसे में राज्य सरकार का कर्तव्य बनता है कि मजदूरों व व्यापारियों की इस समस्या को ध्यान में रखते हुए उद्योगों को वापस चालू कराने के लिए पहल करे। मजदूरों की मांग को दबाने के लिए पुलिस शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठियां भांज कर उन्हें जेल में ठूंसने का प्रयास कर रही है जो तानाशाही का परिचायक है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी निर्दोष लोगों पर अत्याचार की निंदा करती है तथा उन पर दर्ज किए गए मुकदमों की वापस लेने की मांग करती है। प्रेसवार्ता में भारतीय जनता पार्टी उद्योग प्रकोष्ठ के सह संयोजक अशोक बाहेती ने कहा कि छोटे-छोटे वस्त्र उद्योग स्वयं के प्रदूषण सयंत्र स्थापित नहीं कर सकते हैं। इसलिए प्रदेश उद्योग प्रकोष्ठ सरकार से मांग करता है कि सरकार अपनी तरफ से प्रदूषण नियंत्रण के लिए संयंत्र स्थापित कर औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषित पानी को शुद्ध कर टैक्स लगाते हुए उन्हें इस समस्या से निजात दिलाए। इस मौके पर नगरपालिका अध्यक्ष महेश बी चौहान, भाजपा नगर अध्यक्ष रमेश गुप्ता, उपाध्यक्ष पुष्पराज चौपड़ा, अमराराम सुंदेशा, भाजयुमो अध्यक्ष योगेश गहलोत, जिला किसान प्रवक्ता पदमसिंह कंवरली, पार्षद नैनाराम सहित कई कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। पूर्व विधायक ने लिखा मुुख्यमंत्री को पत्र: पूर्व विधायक चंपालाल बांठिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र भेजकर बालोतरा में उद्योग संकट को लेकर बेरोजगार मजदूरों को रोजगार दिलाने की मांग कर रहे गरीब मजदूरों का शांतिपूर्ण धरना के बारे जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बालोतरा को शांतिपूर्वक बंद करवाने निकले मजदूरों व कार्यकर्ताओं पर पुलिस की ओर से सुनियोजित तरीके से लाठीचार्ज किया और अनेक निर्दोष लोगों की पिटाई की गई। अचानक हुए इस लाठीचार्ज से कई लोगों के सिर पर गंभीर चोटें आई, जिन्हें जोधपुर व अहमदाबाद उपचार के लिए रेफर किया गया। बांठिया ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों ने उन्हें जानकारी दी कि पुलिस के अधिकारी किसी पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर निर्दोष लोगों पर लाठियां चलानी शुरू की। उन्होंने घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच व दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। बांठिया ने कहा कि समय रहते मजदूरों को रोजगार मुहैया नहीं हुआ तो धरने पर बैठना पड़ेगा।

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