राहुल गांधी से मिले असंतुष्ट विधायक

मैंने ही दिल्ली भेजा : गहलोत
कोटा त्न मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि उन्होंने ही असंतुष्ट विधायकों को दिल्ली भेजा है। गहलोत ने कहा-लोकतंत्र में सबको अपनी बात कहने का अधिकार है। मैंने असंतुष्टों से कहा है कि वे सार्वजनिक बयानबाजी के बजाय सही मंच पर अपनी बात रखे। मुख्यमंत्री बुधवार को एक दिवसीय हाड़ौती के दौरे पर आए थे। झालावाड़ और बूंदी जाने से पहले वे थोड़ी देर कोटा एयरपोर्ट पर रुके थे । उन्होंने कहा कि विधायकों को यदि किसी मंत्री से शिकायत है तो वह मुझे बताए। लेकिन, कोई मेरे काम से खुश नहीं है तो यह शिकायत सोनिया गांधी से करे। जयपुर त्न कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों ने बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी से मिलकर सरकार में सुनवाई नहीं होने की शिकायत की। असंतुष्ट विधायक शनिवार से ही दिल्ली में जुटे हुए थे। बुधवार को उदयलाल आंजना की अगुवाई में 13 असंतुष्ट विधायकों ने राहुल गांधी से मुलाकात की। राहुल से करीब आधे घंटे की मुलाकात में असंतुष्टों ने सरकार में उनकी सुनवाई नहीं होने, मुख्यमंत्री के रवैये और सरकार के कामकाज की शैली से जनता के बीच जा रहे खराब संदेश को लेकर शिकायत की। बताया जाता है कि राहुल ने उन्हें सब ठीक करने का आश्वासन दिया।
ये १३ विधायक : उदयलाल आंजना, श्रवण कुमार, सीएल प्रेमी, दौलतराज नायक, रूपा राम डूडी, गंगासहाय शर्मा, प्रदीप कुमार सिंह, सज्जन कटारा, पुष्करलाल डांगी, लालशंकर घाटिया, संतोष सहारण, जाकिर हुसैन गैसावत तथा रामलाल मेघवाल।
विधायक दल की बैठक में हमें बोलने नहीं दिया जाता
असंतुष्टों ने कहा कि सरकार में हमारी कोई सुनवाई नहीं होती, विधायक दल की बैठक नहीं बुलाते हैं, कभी कभार बैठक होती है तो बोलने नहीं दिया जाता। आखिर हम कहां अपनी बात रखें? मुख्यमंत्री कहते हैं कि शिकायत है तो हाईकमान से कहें। सरकार के रवैये का सीधा नुकसान पार्टी को आने वाले चुनावों में होगा।
पार्टी की स्थिति में सुधार करना है तो सरकार की कार्यशैली में सुधार करवाना होगा। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक विधायकों की नहीं सुनते।
राजनीतिक मायने : प्रेक्षकों के अनुसार राहुल इस मुद्दे पर सोनिया गांधी से चर्चा कर राजस्थान में नेतृत्व को कोई निर्देश दिलवा सकते हैं। दिल्ली के निर्देशों पर असंतुष्ट विधायकों से बातचीत कर मामला निपटाने और सबको साथ लेकर चलने की नसीहत मिल सकती है।  उधर इस राहुल से शिकायत के बाद असंतुष्टों ने यह भी संकेत दे दिया है कि वे चुप बैठने वाले नहीं हैं। अगर उनकी समस्याओं को नहीं सुना गया तो आने वाले दिनों में दिल्ली में राजनीतिक घटनाक्रम और बढ़ सकता है। अभी असंतुष्ट विधायक सार्वजनिक रूप से सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर करने से और मुलाकात का ब्यौरा देने बच रहे हैं।
राहुल जी को सब बता दिया है : आंजना
मेरे साथ कई विधायकों ने राहुल गांधी से मुलाकात की। हमने हमारी जो समस्या थी उसके बारे में राहुल जी को बता दिया है, उन्होंने पूरी बात सुनी। -उदयलाल आंजना

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