डाक घर बचत पर मिलेगा ज्यादा ब्याज
नई दिल्ली डाक घरों की छोटी बचत योजनाओं की घटती लोकप्रियता को थामने के लिए केंद्र सरकार ने इन पर देय ब्याज दरों में आधा फीसदी तक की वृद्धि करने का ऐलान किया है। यह पहला वाकया है जब चार महीने के भीतर ही इन योजनाओं पर ब्याज दरों में वृद्धि की गई है। 13वें वित्त आयोग की सिफारिश पर एक दिसंबर, 2011 से इन योजनाओं पर ब्याज दरों को बढ़ाया गया था।
डाक घर बचत खाते पर ब्याज दर को चार प्रतिशत ही रखा गया है लेकिन एक से पांच वर्ष तक की सावधि जमा योजनाओं पर 0.2 फीसद से 0.50 फीसद की वृद्धि की गई है। वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, पांच वर्षीय मासिक आय योजना, राष्ट्रीय बचत प्रपत्र और लोक भविष्य निधि [पीपीएफ] पर भी ज्यादा ब्याज मिलेगा। सरकार के इस कदम के पीछे एक प्रमुख वजह घरेलू बचत को बढ़ावा देना भी है ताकि अर्थंव्यवस्था के विकास के लिए आवश्यक संसाधन आंतरिक तौर पर ही जुटाया जा सके। चालू वित्त वर्ष के दौरान आर्थिक विकास दर में सुस्ती के साथ ही घरेलू बचत की दर भी कम हुई है।
चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीने के आंकड़ों से स्पष्ट है कि डाक घर जमा योजनाओं के प्रति आम जनता का आकर्षण कम हुआ है। पिछले साल अप्रैल से सितंबर के बीच इन योजनाओं में जमा राशि के मुकाबले निकासी ज्यादा हुई है। पिछले दस वर्षो में सिर्फ दो बार ऐसा हुआ है जब इन स्कीमों में जमा से ज्यादा निकासी हुई हो।
इन स्कीमों में जमा राशि के कम होने से केंद्र सरकार की वित्तीय स्थिति पर भी काफी असर पड़ता है। छोटी बचत योजनाओं में जमा राशि को राष्ट्रीय लघु बचत फंड में डाला जाता है। इस फंड से राज्यों को कर्ज दिया जाता है। जब इस फंड में कम राशि होगी तो केंद्र को अन्य स्त्रोतों से राज्यों को राशि मुहैया करानी पड़ती है।
जमा स्कीम--मौजूदा दर---नई दर
बचत खाता----4--------4
1 वर्ष सावधि---7.7---8.2
2 वर्ष सावधि---7.8---8.3
3 वर्ष सावधि---8.0--8.4
5 वर्ष सावधि---8.3--8.5
5 वर्ष रेकरिंग---8.0--8.4
5 वर्ष एससीएसस-9.0--9.3
5 वर्ष एमआइएस--8.20-8.5
5 वर्ष एनएससी----8.8--8.6
10 वर्ष एनएससी---8.7--8.9
पीपीएफ---------8.6--8.8

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