लोकपाल पर सर्वदलीय बैठक खत्म, नहीं बनी बात
लोकपाल पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक खत्म हो गई है। बैठक में कोई आमराय नहीं बन पाई है। हालांकि प्रधानमंत्री ने फिर दोहराया कि सरकार मजबूत लोकपाल कानून को बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।बैठक के बाद माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि लोकपाल और मजबूत होना चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि वे बैठक से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि माकपा ने तीन मुद्दों पर संशोधन पर अपनी बात रखी है।माकपा की पहली मांग लोकायुक्त की नियुक्ति राज्य करें, दूसरी लोकपाल के दायरे में कॉर्पोरेट और एनजीओ हों और तीसरी जांच एजेंसी भी लोकपाल के दायेर में होनी चाहिए।समाजवादी पार्टी ने लोकपाल पर सरकार के रूख को साकारात्मक बताते हुए कहा कि सरकार की मंशा विधेयक को पारित करवाने की दिखती है। एसपी ने लोकपाल को हटाने की प्रक्रिया में संशोधन, लोकायुक्त के प्रावधान को लोकपाल से अलग रखने की मांग की है।दरअसल, लोकसभा से पारित लोकपाल विधेयक को सरकार अब राज्यसभा से भी हरी झंडी दिलाने की कोशिश में है, लेकिन वहां अपना कम संख्या बल देखते हुए सरकार के लिए विपक्षी दलों के सहयोग के बिना इसे पारित करा पाना आसान नहीं दिख रहा है। विपक्षी दल अपने संशोधनों को छोड़ने के पक्ष में नहीं दिख रहे हैं। इसलिए आम सहमति बनाने के लिए प्रधानमंत्री को यह बैठक बुलानी पड़ी। इस बैठक में पीएम ने राज्यसभा में सभी दलों के पार्टी नेताओं को बुलाया।
लोकपाल पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक खत्म हो गई है। बैठक में कोई आमराय नहीं बन पाई है। हालांकि प्रधानमंत्री ने फिर दोहराया कि सरकार मजबूत लोकपाल कानून को बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।बैठक के बाद माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि लोकपाल और मजबूत होना चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि वे बैठक से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि माकपा ने तीन मुद्दों पर संशोधन पर अपनी बात रखी है।माकपा की पहली मांग लोकायुक्त की नियुक्ति राज्य करें, दूसरी लोकपाल के दायरे में कॉर्पोरेट और एनजीओ हों और तीसरी जांच एजेंसी भी लोकपाल के दायेर में होनी चाहिए।समाजवादी पार्टी ने लोकपाल पर सरकार के रूख को साकारात्मक बताते हुए कहा कि सरकार की मंशा विधेयक को पारित करवाने की दिखती है। एसपी ने लोकपाल को हटाने की प्रक्रिया में संशोधन, लोकायुक्त के प्रावधान को लोकपाल से अलग रखने की मांग की है।दरअसल, लोकसभा से पारित लोकपाल विधेयक को सरकार अब राज्यसभा से भी हरी झंडी दिलाने की कोशिश में है, लेकिन वहां अपना कम संख्या बल देखते हुए सरकार के लिए विपक्षी दलों के सहयोग के बिना इसे पारित करा पाना आसान नहीं दिख रहा है। विपक्षी दल अपने संशोधनों को छोड़ने के पक्ष में नहीं दिख रहे हैं। इसलिए आम सहमति बनाने के लिए प्रधानमंत्री को यह बैठक बुलानी पड़ी। इस बैठक में पीएम ने राज्यसभा में सभी दलों के पार्टी नेताओं को बुलाया।

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