पाकिस्तान 12 वर्ष बाद बना एशिया कप चैंपियन
आलराउंड जुझारू प्रदर्शन की बदौलत पाकिस्तान ने मेजबान बांग्लादेश को गुरुवार को बेहद रोमांचक फाइनल में दो रन से हराकर 12 वर्ष के अंतराल पर दूसरी बार एशिया कप का विजेता बनने का गौरव हासिल कर लिया। इससे पहले पाकिस्तान ने वर्ष 2000 में इस खिताब पर कब्जा जमाया था।बांग्लादेश एशिया कप के फाइनल में पहली बार जगह बना पहले ही इतिहास रच चुका था। इस संघर्षपूर्ण फाइनल में उसने अपना इतिहास स्वर्णिम बनाने की कोई कसर नहीं छोड़ी और तमाम उतार चढ़ावों के बीच उसके बल्लेबाज जुझारू प्रदर्शन करते रहे लेकिन आखिर हाथ में आई जीत उनसे फिसल गई और आखिरी गेंद पर जीत के लिए जरूरी चार रन मेजबान टीम जुटा नहीं सकी।बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला किया और पाकिस्तान के चार विकेट मात्र 70 रन पर निकालकर उसे मुश्किल में डाल दिया था लेकिन सरफराज अहमद (नाबाद 46) की तेज तर्रार पारी से मेहमान टीम 50 ओवर में नौ विकेट पर 236 रन का सम्मानजनक स्कोर बना पाई। जवाब में बांग्लादेश की टीम 50 ओवर में आठ विकेट पर 234 रन ही बना सकी।मैच में कई बार नाटकीय उतार-चढ़ाव आए और हर ओवर मैच का रुख पलटता दिखता। आखिरी ओवर तो मानो रोमांच की पराकष्ठा पर जा रहा था। बांग्लादेश को नौ रन चाहिए थे और तीन विकेट बचे थे। पहली दो गेंदों पर एक-एक रन बनने के बाद तीसरी गेंद पर कोई रन नहीं बना और चौथी गेंद पर नाटकीय ढंग से तीन रन लिए गए।फिर पांचवीं गेंद पर उतने ही नाटकीय अंदाज में अब्दुल रज्जाक का विकेट गिरा। आखिरी गेंद पर चार रन की जरूरत थी ले शहादत हुसैन लेग बाई के जरिए एक रन ही हासिल कर सके। ओपनर तमीम इकबाल ने 60 रन बनाकर बांग्लादेश के जवाबी हमले की अगुआई की और शीर्षक्रम की एकबारगी लड़खड़ाहट के बाद शकिब अल हसन (68) के जुझारू तेवरों ने मेजबान की उम्मीदों को पूरा परवान चढ़ाया लेकिन इस सारी मेहनत पर आखिरी क्षणों में पानी फिर गया।तमीम ने 68 गेंदों पर 60 रन की अपनी पारी में आठ चौके जड़े जबकि शकिब ने 72 गेंदों पर 68 रन की पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया। नासिर हुसैन ने 63 गेंदों में धैर्यपूर्ण 28 रन बनाए। बांग्लादेश की पारी में अयाज चीमा ने 46 रन पर तीन विकेट हासिल किए जबकि सईद अजमल ने 40 और उमर गुल ने 65 रन देकर दो-दो विकेट झटके। शहिद आफरीदी ने 10 ओवर में मात्र 28 रन दिए और एक विकेट हासिल किया।इससे पहले, बांग्लादेश पाकिस्तान ने निर्धारित 50 ओवर में नौ विकेट पर 236 रन ही बनाने दिए। टूर्नामेंट में भारत और श्रीलंका पर दो उलटफेर भरी जीत दर्ज करने के बाद पाकिस्तान को कम स्कोर पर रोकने से छुपे रुस्तम बांग्लादेश के पास अब इतिहास रचने का स्वर्णिम मौका है।अंत में शहादत हुसैन की लचर गेंदबाजी के अलावा शाहिद अफरीदी (32 रन) और विकेटकीपर सरफराज (नाबाद 46 रन) की उपयोगी पारियों से पाकिस्तानी टीम यह स्कोर बना सकी, वर्ना बांग्लादेश के लिए लक्ष्य और कम हो सकता था।शहादत ने पारी के अंतिम ओवर में 19 रन गंवाए जिसमें दो नो बॉल शामिल थी जिससे पाकिस्तान के स्कोर में ही नहीं बल्कि आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी हुई। युवा सरफराज पाकिस्तान की ओर से नाबाद 46 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे जबकि अफरीदी ने 22 गेंद में चार चौके और एक छक्के से 32 रन का योगदान दिया।
मोहम्मद हफीज (40), उमर अकमल (30) और हम्माद आजम (30) अच्छी शुरुआत करने के बावजूद बड़ी पारी नहीं खेल पाए। बांग्लादेश के लिए अनुभवी तेज गेंदबाज मशरफी मुर्तजा ने 48 रन देकर जबकि स्पिन तिकड़ी अब्दुर रज्जाक ने 26 और शकिबुल हसन ने 39 रन देकर दो-दो विकेट चटकाए। नजमुल हुसैन (36 रन पर) और महमूदुल्लाह (14 रन पर) ने एक-एक विकेट हासिल किए, वहीं शहादत ने अपने नौ ओवर में 63 रन लुटाए।घरेलू दर्शकों के सामने बांग्लादेश ने एशिया कप के अपने पहले फाइनल में टॉस जीतकर पाकिस्तान को बल्लेबाजी का न्यौता देने के बाद शुरुआती विकेट झटकने से स्वप्निल शुरुआत की।अनुभवी मुर्तजा और नई गेंद के उनके साथी नजमुल ने लगातार ओवरों में एक एक विकेट प्राप्त कर पाकिस्तान के 5.2 ओवर में 19 रन पर दो विकेट चटका दिए। बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज नसीर जमशेद पांचवें ओवर में आउट होने वाले पहले खिलाड़ी रहे, जिन्होंने मुर्तजा की धीमी गेंद पर कवर पर महमूदुल्ला को आसान कैच दे दिया। पांच गेंद के बाद नजमुल ने अनुभवी यूनिस खान को पगबाधा किया।हफीज और कप्तान मिस्बाह उल हक (13) ने पारी संभालने का प्रयास करते हुए 31 रन की भागीदारी की लेकिन कप्तान एक रन लेने की कोशिश में नजमुल के सीधे थ्रो से रन आउट हुए। हफीज को सात रन पर जीवनदान मिला था, लेकिन वह अपनी मेहनत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके और अर्धशतक से 10 रन पहले अब्दुर रज्जाक की गेंद पर नजमुल को मिड आन पर कैच देकर पवेलियन पहुंचे।

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