'करो या मरो' की जंग
सिडनी। टीम में मतभेद की अटकलाें से जूझ रही भारतीय क्रिकेट टीम त्रिकोणीय एकदिवसीय सीरीज में अपनी उम्मीदें जीवंत रखने के लिए कल करो या मरो की स्थिति में आस्ट्रेलिया से भिड़ेगी।टीम इंडिया अगर कल हार जाती है तो उसका सिर्फ श्रीलंका के खिलाफ एक मैच बचेगा और अगर वह उस मैच को बोनस अंक के साथ भी जीत लेगा तो भी फाइनल में जगह बनाने की उसकी राह आसान नहीं होगी। श्रीलंका इसके बाद आस्ट्रेलिया से भी हार जाता है तो भारत और श्रीलंका दोनों के समान 15 अंक हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में नेट रन रेट देखा जाएगा जिसमें श्रीलंका की स्थिति फिलहाल काफी मजबूत है। भारत अगर कल जीत जाता है तो उसके आस्ट्रेलिया के बराबर अंक हो जाएंगे और ऐसे में दोनों टीमों के अंतिम लीग मुकाबले काफी अहम हो जाएंगे। अब शीर्ष पर चल रहा श्रीलंका भी फाइनल की दौड़ से बाहर हो सकता है बशर्ते भारत और आस्ट्रेलिया में से कोई अपने बचे दोनों मैच जीत ले और एक टीम एक मैच जीत ले। भारत को कल आस्ट्रेलिया का सामना करना है जबकि इसके बाद उसे 28 फरवरी को श्रीलंका से भिड़ना है। सीरीज का अंतिम लीग मैच दो मार्च को आस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा।फिलहाल भारत के 10, आस्ट्रेलिया के 14 और श्रीलंका के 15 अंक हैं। अभी भारत की फाइनल में पहुंचने की संभावना सबसे कम है। भारतीय टीम छह मैचों में से तीन में अपने कोटे के पूरे ओवर खेलने में भी नाकाम रही है जबकि उसके गेंदबाज किसी भी मैच में विरोधी टीम के सभी बल्लेबाजों को आउट नहीं कर पाए। कल के मैच के लिए सिर्फ दो तेज गेंदबाजों के फिट होने से भारत की मुश्किल और बढ़ गई है। जहीर खान पिंडली की चोट के कारण अनुपलब्ध हैं जबकि सीरीज में भारत की ओर से सर्वाधिक विकेट चटकाने वाले आर विनय कुमार का भी मांसपेशियों में खिंचाव के कारण खेलना संदिग्ध है। प्रवीण कुमार फिट हैं लेकिन उनकी गति में कमी आई है और अब वह पहले जितने प्रभावी नहीं लगते। उमेश यादव को स्ट्राइक गेंदबाज के रूप में देखा जाता है लेकिन मौजूदा सीरीज में चार मैचों में वह 68 के औसत और छह रन प्रति ओवर से अधिक की इकोनामी रेट से केवल तीन विकट चटकार विफल रहे हैं। उनके पास गति और मूवमेंट तो है लेकिन लाइन और लेंथ में निरंतरता की कमी है। फिलहाल की स्थिति में नई गेंद की जिम्मेदारी उमेश और इरफान पठान के कंधे पर होगी। अगर भारत तीसरे तेज गेंदबाज के साथ उतरता है तो फिर प्रवीण पर भरोसा करना होगा। या फिर लेग स्पिनर राहुल शर्मा को मौका देना होगा। भारत की एक और अहम समस्या शीर्ष तीन बल्लेबाज हैं। इनके बीच रोटेशन प्रणाली के बावजूद टीम इंडिया को अब तक सलामी जोड़ी से उपयोगी योगदान नहीं मिला है। भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ सलामी साझेदारी एडिलेड में आस्ट्रेलिया के खिलाफ रही जब गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग ने 52 रन जोड़े जिससे टीम दूधिया रोशनी में 270 रन के लक्ष्य को हासिल करने में सफल रही।सचिन तेंदुलकर और सहवाग सीरीज में बुरी तरह विफल रहे हैं और क्रमश: 90 और 30 रन ही बना पाए हैं। गंभीर ने हालांकि दो मौकों पर 90 रन से अधिक की पारियां खेली हैं। विराट कोहली ने कुछ अच्छी पारियां खेलकर अपनी प्रतिभा को साबित करने की कोशिश की है लेकिन रोहित शर्मा और सुरेश रैना क्रमश: 79 और 134 रनों के साथ सीरीज में विफल रहे हैं। भारतीय बल्लेबाज उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हालांकि कुछ मौकों पर अच्छी पारी खेलकर फिनिशर की अपनी भूमिका बखूबी निभाई है। छह मैचों में भारत का सर्वश्रेष्ठ स्कोर आस्ट्रेलिया के खिलाफ 270 रन का लक्ष्य हासिल करना रहा जबकि श्रीलंका के खिलाफ उसे 230 के आसपास तक पहुंचने में जूझना पड़ा। ब्रिस्बेन में आस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले हफ्ते तो टीम केवल 178 रन बना सकी। धोनी ने हालांकि संकेत दिए हैं कि भारत कल होने वाले मैच में तीनों सलामी बल्लेबाजों तेंदुलकर, सहवाग और गंभीर को उतार सकता है। इससे संकेत जाते हैं कि रोहित शर्मा का कल होने वाले मैच में बाहर बैठना लगभग तय है। दूसरी तरफ आस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा है। टीम ने अपने छह में से तीन मैच गंवाए हैं जिसमें से दो मैच श्रीलंका के खिलाफ हैं। आस्ट्रेलिया का शीर्ष क्रम भी भारत की तरह रन जुटाने में विफल रहा है जबकि उसके गेंदबाज विरोधी बल्लेबाजों के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे हैं।डेविड वार्नर और मैथ्यू वेड की सलामी जोड़ी नाकाम रही है। वार्नर ने छह मैचों में 20.16 के औसत से 121 जबकि वेड ने 24.83 के औसत से 149 रन बनाए हैं। इन दोनों की सर्वश्रेष्ठ साझेदारी ब्रिसबेन में भारत के खिलाफ 70 रन की रही। वार्नर को हालांकि अंतिम एकादश में फिट हो चुके शेन वाटसन के लिए जगह बनानी पड़ सकती है। आस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी अब तक पूरी तरह उसके मध्य क्रम पर निर्भर रही है। रिकी पोंटिंग की जगह तीसरे नंबर पर उतरे पीटर फोरेस्ट ने पिछले मैच में शतक बनाया जबकि चोट से उबरे माइकल क्लार्क ने भी उम्दा पारी खेली। हसी बंधु माइकल और डेविड भी अच्छी फार्म में है। टीम की गेंदबाजी हालांकि कुछ समस्या हो सकती है। बेन हिल्फेंहास, ब्रेट ली और रेयान हैरिस की तिकड़ी कल रात श्रीलंका के खिलाफ बेलेरीव ओवल में 280 रन के स्कोर का बचाव करने में विफल रही।आस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज हालांकि भारत के खिलाफ सफल रहे हैं। बायें हाथ के स्पिनर जेवियर डोहर्टी ने छह मैचों में 27.57 की औसत से सात विकेट और लगभग चार रन प्रति ओवर की इकोनामी रेट से प्रभावित किया है।

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