...ये आधार तो "निराधार है" बस्सी। भारत सरकार की ओर से चलाया जा रहा यूआईडी पहचान पत्र "आधार" अभियान यहां सवालों के घेरे में आ गया है। "आधार" के लिए जो साक्ष्य प्रस्तुति किया जा रहे हैं वह निराधार हैं। दरअसल, आधार कार्ड बनवाने के लिए जिन परिचय पत्रों को "आधार" बना कर दस्तावेज प्रस्तुत किये जा रहे हैं, उन परिचय पत्रों पर ही सवालिया निशान लग गए हैं।
परिचय पत्र बनाने के नाम पर पंचायत के एक छपे-छपाए प्रोफार्मा की छाया प्रति का उपयोग करके धड़ाधड़ पहचान पत्र बनाए जाने का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि कई लोगों ने इसी प्रोफार्मे पर अपना नाम-पता दर्ज करवाते हुए उसे परिचय पत्र के रूप में उपयोग में लिया और आधार कार्ड के लिए आवेदन कर दिया। जब इस गोरखधंधे की बात खुलने लगी, तो अब पंचायत सचिव की ओर से इस संबंध में थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, भारत सरकार की ओर से आधार कार्ड बनवाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बस्सी के व्यास मोहल्ला के एक घर में आधार कार्ड बनवाने का काम शुरू हुआ है। ग्राम पंचायत सचिव भैंरूसहाय शर्मा के मुताबिक, उन्हें शिकायत मिली कि कस्बे के कई लोगों ने ग्रामं पंचायत के प्रोफार्मा से फर्जी पहचान पत्र बना दिये। उनके मुताबिक, ऎसा ही एक मामला कस्बे के औजट मोहल्ला निवासी पप्पूसिंह पुत्र राममूर्ति शर्मा का भी सामने आया, जिस पर आरोप है कि उसने ग्राम पंचायत के पहचान प्रमाण पत्र प्रोफार्मा से कई लोगों के फर्जी पहचान पत्र बना दिए। इस पहचान पत्र के आधार पर केंद्र सरकार की ओर बन रहे आधार कार्ड को बनवाने का प्रयास किया जा रहा था। बताया जाता है कि इस पहचान पत्र को बनाने के लिए स्थानीय व बाहरी लोगों को ऊंचे दाम वसूल कर यह छपा-छपाया प्रोफार्मा उपलब्ध कराया जा रहा है। मामला जब पंचायत के ध्यान में आया तो सचिव ने मामले की जांच को लेकर थाने में परिवाद सौंप दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इनका कहना है : मामला थाने में दे दिया गया है। जांच के बाद ही सारे मामले का खुलासा होगा।
- भैरूंसहाय शर्मा, सचिव ग्राम पंचायत, बस्सी
सचिव को निर्देश देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।
-दिनेश मीणा, सरपंच ग्राम पंचायत, बस्सी
परिचय पत्र बनाने के नाम पर पंचायत के एक छपे-छपाए प्रोफार्मा की छाया प्रति का उपयोग करके धड़ाधड़ पहचान पत्र बनाए जाने का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि कई लोगों ने इसी प्रोफार्मे पर अपना नाम-पता दर्ज करवाते हुए उसे परिचय पत्र के रूप में उपयोग में लिया और आधार कार्ड के लिए आवेदन कर दिया। जब इस गोरखधंधे की बात खुलने लगी, तो अब पंचायत सचिव की ओर से इस संबंध में थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, भारत सरकार की ओर से आधार कार्ड बनवाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बस्सी के व्यास मोहल्ला के एक घर में आधार कार्ड बनवाने का काम शुरू हुआ है। ग्राम पंचायत सचिव भैंरूसहाय शर्मा के मुताबिक, उन्हें शिकायत मिली कि कस्बे के कई लोगों ने ग्रामं पंचायत के प्रोफार्मा से फर्जी पहचान पत्र बना दिये। उनके मुताबिक, ऎसा ही एक मामला कस्बे के औजट मोहल्ला निवासी पप्पूसिंह पुत्र राममूर्ति शर्मा का भी सामने आया, जिस पर आरोप है कि उसने ग्राम पंचायत के पहचान प्रमाण पत्र प्रोफार्मा से कई लोगों के फर्जी पहचान पत्र बना दिए। इस पहचान पत्र के आधार पर केंद्र सरकार की ओर बन रहे आधार कार्ड को बनवाने का प्रयास किया जा रहा था। बताया जाता है कि इस पहचान पत्र को बनाने के लिए स्थानीय व बाहरी लोगों को ऊंचे दाम वसूल कर यह छपा-छपाया प्रोफार्मा उपलब्ध कराया जा रहा है। मामला जब पंचायत के ध्यान में आया तो सचिव ने मामले की जांच को लेकर थाने में परिवाद सौंप दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इनका कहना है : मामला थाने में दे दिया गया है। जांच के बाद ही सारे मामले का खुलासा होगा।
- भैरूंसहाय शर्मा, सचिव ग्राम पंचायत, बस्सी
सचिव को निर्देश देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।
-दिनेश मीणा, सरपंच ग्राम पंचायत, बस्सी

0 comments:
एक टिप्पणी भेजें