चाँदनी के साथ झरा संस्कृति का अमृत

मरु महोत्सव की दूसरी साँस्कृतिक संध्या ने खूब रंग जमाया
सर्द रात में रंगारंग प्रस्तुतियों ने दी उष्मा
जैसलमेर, 7 फरवरी/जैसलमेर में मरु महोत्सव के अन्तर्गत सोमवार रात शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में साँस्कृतिक संध्या ने हजारोंहजार रसिकों को सर्द रात में गर्म ताजगी का सुकून दिया। दुनिया के कई देशों और भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों से आए हजारों सैलानियों के साथ ही जैसलमेर के बाशिन्दों ने जी भर कर साँस्कृतिक सरिताओं में गोते लगाए और खूब आनंद लिया।
सांस्कृतिक संध्या में देश के विभिन्न हिस्सों से आए मशहूर लोक कलाकारों ने आकर्षक वेशभूषा और बेहतर अभिनय की छाप छोड़ते हुए एक से ब़कर एक उम्दा कार्यक्रम पेश किए और हजारों लोगों को सर्द रात में भी बाँधे रखा।
सांस्कृतिक केन्द्र इलाहाबाद के कलाकारों ने क्षेत्रा विशेष की लोक संस्कृति प्रधान मनोहारी कार्यक्रमों का परिचय कराया। फौजदारसिंह का आल्हा गायन वीर रस की सरिताएं उफना गया वहीं रामप्रसाद एवं पार्टी द्वारा प्रस्तुत अलगोजा नृत्य, जैसलमेर के लिटिल हार्ट स्कूल के बच्चों का राजस्थानी नृत्य, मालवा के अरविंद यादव का बधाई नृत्य, जैसलमेर के अनवर खां द्वारा प्रस्तुत राजस्थानी नृत्य, जिंद के राजेश गांगुली का घूमरनृत्य, अग्नि नृत्य, रूमाल नृत्य, चकरी नृत्य, कार्यक्रम में तृप्ति द्विवेदी की फूलों की होली नृत्य और इस दौरान हुई फूलों की बारिश ने माघ में फागुन की झलक दिखा दी। अलवर के रामअवतार की प्रस्तुतियों के साथ ही आनंदसिंह, पद्मश्री साकर खां के पौत्राों द्वारा प्रस्तुत हेलो आदि कई कार्यक्रमों ने खूब दाद पायी। सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन जफर खां सिंधी एवं गीतांजलि सोनी ने किया।
आतिशबाजी ने मन मोहा
कार्यक्रम के समापन पर जैसलमेर के आसमान में रंगबिरंगी आतिशबाजी ने दर्शकों को मजा ला दिया। मरु महोत्सव के अन्तर्गत जैसलमेर शहर में मुख्य सर्कलों पर रोशनी की गई है।

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