एडिलेड में दर्ज की ऐतिहासिक जीत
एडिलेड. सीबी सीरीज के चौथे मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हरा दिया है। ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिए 270 रन के लक्ष्य को टीम इंडिया ने 6 विकेट के नुकसान पर 2 गेंदें शेष रहते हासिल कर लिया। महेंद्र सिंह धोनी ने एक बार फिर अपने कैप्टन कूल के टैग को प्रमाणति करते हुए बेहतरीन नाबाद 44 रन बनाए। एडिलेड मैदान पर यह भारतीय टीम की पहली वनडे जीत है। इससे पहले भारतीय टीम ने यहां चार वनडे खेले थे जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा था।
सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर टीम की जीत के हीरो रहे। गंभीर ने 92 रन का योगदान किया। इसके लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच अवार्ड से नवाजा गया।
धोनी ने फिर दिखाया वो हैं कैप्टन कूल
टीम इंडिया के लिए यह जीत किसी चमत्कार से कम नहीं रही। मैच के आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए 13 रनों की दरकार थी। कप्तान धोनी ने तीसरी गेंद पर छक्का लगाकर जीत की उम्मीद को जगाया। लेकिन अगली ही गेंद पर वो कैच आउट हो गए। किस्मत से वह गेंद नोबॉल निकली। यह नो बॉल टीम इंडिया के लिए वरदान साबित हुई। ओवर की चौथी गेंद पर धोनी ने तीन रन दौड़कर टीम को जीत दिला दी। धोनी ने एक बार फिर दिखा दिया कि वो अपने ठंडे दिमाग और आग उगलते बल्ले से मैच का रुख पलट सकते हैं। वर्ल्डकप फाइनल में भी उन्होंने ऐसी ही पारी खेली थी।
मैन ऑफ द मैच रहे गंभीर
टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने फॉर्म में लौटने के संकेत देते हुए बेहतरीन अर्धशतकीय पारी खेली। लेकिन वो शतक नहीं लगा सके। गंभीर 92 रन बनाकर आउट हुए। क्लिंट मैक्के ने उन्हें अपना तीसरा शिकार बनाया। इस बेहतरीन पारी के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच अवार्ड दिया गया।
सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर टीम की जीत के हीरो रहे। गंभीर ने 92 रन का योगदान किया। इसके लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच अवार्ड से नवाजा गया।
धोनी ने फिर दिखाया वो हैं कैप्टन कूल
टीम इंडिया के लिए यह जीत किसी चमत्कार से कम नहीं रही। मैच के आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए 13 रनों की दरकार थी। कप्तान धोनी ने तीसरी गेंद पर छक्का लगाकर जीत की उम्मीद को जगाया। लेकिन अगली ही गेंद पर वो कैच आउट हो गए। किस्मत से वह गेंद नोबॉल निकली। यह नो बॉल टीम इंडिया के लिए वरदान साबित हुई। ओवर की चौथी गेंद पर धोनी ने तीन रन दौड़कर टीम को जीत दिला दी। धोनी ने एक बार फिर दिखा दिया कि वो अपने ठंडे दिमाग और आग उगलते बल्ले से मैच का रुख पलट सकते हैं। वर्ल्डकप फाइनल में भी उन्होंने ऐसी ही पारी खेली थी।
मैन ऑफ द मैच रहे गंभीर
टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने फॉर्म में लौटने के संकेत देते हुए बेहतरीन अर्धशतकीय पारी खेली। लेकिन वो शतक नहीं लगा सके। गंभीर 92 रन बनाकर आउट हुए। क्लिंट मैक्के ने उन्हें अपना तीसरा शिकार बनाया। इस बेहतरीन पारी के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच अवार्ड दिया गया।

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