'प्रभु सिंह अमर रहे' के नारों से गूंजा आसमान, शहादत को सलाम करने उमड़ा जनसैलाब
शेरगढ़  
जम्मू-कश्मीर के माछिल सेक्टर में पाकिस्तानी हमले में शहीद हुए वीर प्रभु सिंह की पार्थिव देह गुरूवार को उनके पैतृक गांव खिरजा खास लाई गई। सेतरावा से सड़क मार्ग द्वारा उनकी देह को गांव तक लाया गया। सेतरावा से लेकर उनके गांव तक उनके अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। जहां देखों वहां लोगों की भीड़ नजर आ रही थी। लोग सड़क के किनारे खड़े हो गए। 
उनके अंतिम दर्शन को प्रत्येक आदमी उत्सुक नजर आया। आर्मी वाहन सड़क पर गंतव्य की ओर चल रहा था और लोग किनारे खड़े होकर प्रभु जिंदाबाद, भारत माता की जय के उद्घोष कर रहे थे। जिधर वाहन पहुंचता, वहीं लोग प्रभु सिंह अमर रहे के नारों से आसमान गुंजायमान कर देते। सेतरावा से लेकर गांव खिरजा तक गगनभेदी स्वरों से प्रभु की शहादत को सलाम किया गया। उनके गांव पहुंचते ही ये स्वर और ऊंचा हो गया। इस दौरान कुछ लोग भावुक भी हो गए।
शहीद प्रभु सिंह के अंतिम दर्शन की मांग पर अड़े परिजन
जम्मू-कश्मीर के माछिल सेक्टर में पाकिस्तानी हमले में शहीद हुए प्रभु सिंह को गुरूवार को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव खिरजा खास लाया गया। सेना का हेलीकॉप्टर उन्हें लेकर सेतरावा बावकान हेलीपैड पहुंचा और यहां से सड़क मार्ग द्वारा उन्हें गांव लाया गया।
गांव में लोगों का हुजूम मौजूद था। यहां लाते ही परिजनों की हालत और खराब हो गई। परिजनों ने मांग की कि वे शहीद का शव देखना चाहते हैं। चूंकि शहीद के शव को हमले में बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया था, इसलिए इसकी इजाजत नहीं दी गई। मंजूरी ना मिलने पर परिजन अपनी मांग पर अड़ गए। उन्होंने शहीद के डीएनए टेस्ट की मांग भी की। सैन्य व मौके पर मौजूद राजनीतिक अधिकारी उनसे समझाइश कर रहे हैं। पिछले एक घंटे से परिजनों को समझाने का दौर जारी है। इसके बाद ही शहीद को अंतिम विदाई दी जाएगी। 

गौरतलब है कि प्रभु सिंह की देह को पाकिस्तानियों से बर्बरता से क्षत-विक्षत कर दिया था। मंगलवार को हुए हमले में प्रभु के अलावा भारत माता के दो और सपूतों शशांक कुमार व मनोज कुमार ने देश के लिए प्राणों का उत्सर्ग किया था।

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