एडोप्टर्स को अटल सेवा केन्द्र जन सुनवाई करने के निर्देश
जन सुनवाई में प्राप्त होने वाले प्रार्थना पत्र राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश 
बाड़मेर।
राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रार्थना पत्रांे, शिकायतांे एवं परिवेदनाआंे को तीव्र गति से निस्तारित करने के लिए सभी एडोप्टर्स को उनकी ओर से गोद ली गई ग्राम पंचायतांे का प्रत्येक माह आवश्यक रूप से दौरा करने के निर्देश दिए गए है।
जिला कलक्टर सुधीर शर्मा ने बताया कि सभी एडोप्टर्स को गोद ली गई ग्राम पंचायतांे के दौरे के समय अटल सेवा केन्द्र पर जन सुनवाई करने के निर्देश दिए गए है। जन सुनवाई मंे अधिकाधिक लोगांे की उपस्थिति हो, इसके लिए एडोप्टर्स को प्रस्तावित दौरे का पूर्व मंे प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। उन्हांेने बताया कि जन सुनवाई के दौरान जितने भी प्रार्थना पत्र प्राप्त होंगे वे सभी राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज किए जाएंगे। यह प्रयास किया जाएगा कि अधिकतम प्रकरणांे मंे मौके पर ही राहत प्रदान की जाए।
उन्हांेने बताया कि एडोप्टर्स को आबंटित ग्राम पंचायतांे मंे अपने दौरांे के समय विभिन्न विभागांे की ओर से किए जा रहे विकास कार्याें, राज्य सरकार की फ्लैगशीप योजनाआंे एवं विभिन्न संस्थाआंे यथा स्कूल, चिकित्सा संस्थान, आंगनबाड़ी केन्द्र, प्रशिक्षण केन्द्र, उचित मूल्य की दुकान एवं ई-मित्र केन्द्र का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए है। निरीक्षण के दौरान अगर कोई कमी पाई जाती है तो तुरंत जिला कलक्टर को अवगत कराने के निर्देश दिए गए है ताकि त्वरित गति से कार्रवाई की जा सके। गोद लेने वाले अधिकारी अपनी यात्रा के दौरान शिकायतकर्ता, आवेदक से व्यक्तिशः मिलेंगे और सरकार के स्तर पर की गई कार्रवाई से उनको अवगत कराएंगे। निस्तारित परिवेदनाओं में से कम से कम 25 प्रतिशत परिवेदनाओं का एडोप्टर्स की ओर क्रोस वेरिफिकेशन किया जाना होगा। जहां संबंधित विभाग द्वारा गलत रिपोर्ट दी गई हो, तो दोषी कार्मिक का उत्तरदायित्व निर्धारित कर, प्रकरण को रिओपन करते हुए उसके निस्तारण की यथोचित कार्यवाही की जाए। उन्हांेने बताया कि एडोप्टर्स को ग्राम सभा के दौरान निस्तारित प्रकरणों के संबंध में आमजन को अवगत कराने तथा निरस्त की गई परिवेदना को कारण सहित संबंधित व्यक्ति को बताने के निर्देश दिए गए है ताकि उसे वस्तुस्थिति की सही जानकारी मिल सके। एडोप्टर्स ग्राम पंचायत से संबंधित सभी परिवेदनाओं के डिप्लीकेशन एवं फॉलोअप के लिए जिम्मेदार होंगे।
लिखे जाएं मोबाइल नंबरः 
ग्राम पंचायत को गोद लेने वाले अधिकारी का मोबाइल नम्बर प्रत्येक संबंधित ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर अंकित करने के निर्देश दिए गए है। साथ ही सभी सरकारी भवनों पर भी यह नम्बर प्रमुखता से अंकित किया जाए,जिससे ग्रामीणों को उनसे सम्पर्क करने में आसानी हो सके।

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