सिवाना की ऐतिहासिक धरोहरों के सरंक्षण की मांग, 
प्रधान गरिमा ने राज्य की मुख्यमंत्री को लिखा खत
बाड़मेर
सैकड़ो सालों के इतिहास और पराक्रम के प्रतीकों की धरा रही सिवाना आज अपने ऐतिहासिक स्थलों की दुर्दशा होते हुए देख रही है।सिवाना के आस-पास के ऐतिहासिक स्थल आज सरंक्षण की बाट देख रहे है। सिवाना प्रधान ने राज्य सरकार से सिवाना के आस पास की ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने की मांग की है। सिवाना प्रधान गरिमा राजपुरोहित ने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को पत्र लिख कर कहा है कि राज्य सरकार ने प्रदेश को विश्व पर्यटन का एक प्रमुख हब बनाने की दिशा में राजस्थान पर्यटन की सफल ब्रान्डिंग, पर्यटन को बढावा देने की नीति, पुरास्मारकों के संरक्षण सहित पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के लिये कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे है। इसी का परिणाम है कि राजस्थान आज विश्व मानचित्र पर और अधिक तेजी से उभर रहा है।लेकिन सिवाना के ऐतिहासिक सिवाना फोर्ट,वीर दुर्गादास प्रोल की हालत काफी खराब है।हालाँकि सरकार द्वारा बीते 5 साल में सिवाना दुर्ग पर 1 करोड़ 31 लाख खर्च करने की बात कही गई है लेकिन आज भी इस जगह को राहत के लिए काफी काम की जरूरत है। वीर दुर्गादास प्रोल को बीते मानसून की बारिस से काफी नुकसान पहुँचा है उन्होंने लिखा है कि प्रोल की मुख्य दिवार बीते माह कई जगहों से टूट गई है जिसके जीर्णोद्वार की जरूरत है। अपने पत्र में प्रधान ने जिक्र किया कि केंद्र सरकार की तरफ से राजस्थान के पर्यटन के लिए 500 करोड़ की योजनाओं पर सहमति की मुहर लगी है ।इस सहमति में बाड़मेर को मिनी डेजर्ट सर्किट में शामिल किया गया है। जानकारी के मुताबित बांसवाड़ा, डूंगरपुर, जालोर और सिरोही ट्राइबल सर्किट में, जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर मिनी डेजर्ट सर्किट में शामिल किए जाएंगे ।ऐसे में सिवाना का दुर्ग,विरदुर्गादास प्रोल और ऐतिहासिक हल्देश्वर को मिनी डेजर्ट सर्किट में शामिल किया जा सकता है जिससे यहाँ की धरोहरों को संबल मिलने के साथ साथ पर्यटक भी इससे जुड़ पाएंगे। प्रधान राजपुरोहित ने सरकार के साथ साथ जिलेवासियों का आह्वान किया है कि वे सिवाना और बाड़मेर को देश भर के पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बिन्दू बनाने की दिशा में होने वाले प्रयासों में सहभागी बने। उन्होंने कहा कि अपनी विविधतापूर्ण संस्कृति, गौरवशाली इतिहास को समेटे किलों, हवेलियों, रेतीले धोरों, कला, लोक संगीत, तीज-त्यौहार एवं मेलों की अनूठी विरासत के कारण राज्य की तरह बाड़मेर पर्यटकों के दिलों में विशिष्ट स्थान बना सकता है,बस सकारात्मक कदमो को उठाने की जरूरत है।

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