मुख्यमंत्री ने दी बड़ी सौगात छोटे ईंट भट्टों को नहीं लेनी होगी प्रदूषण नियंत्रण मण्डल से अनुमति
जयपुर।
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने छोटी ईंट भट्टा इकाईयों को गुरूवार को एक बड़ी राहत दी है। उन्होंने एक बड़ी घोषणा में कहा है कि अब आंवा-कजावा परम्परागत पद्धति से निर्मित फ्लाईएश मिश्रित ईंट निर्माण के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही इन छोटी इकाईयों को अब पर्यावरण स्वीकृति भी नहीं लेनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आंवा-कजावा इकाई से किये जाने वाली ईंटों के प्रतिवर्ष उत्पादन की मात्र 3 लाख की संख्या तक यह छूट रहेगी। साथ ही 4 हजार वर्गमीटर तक आंवा-कजावा इकाई की स्थापना यदि खातेदार स्वयं अपनी भूमि पर करेगा तो उसे भूमि रूपांतरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री की इस बड़ी घोषणा से कुम्हारों के साथ-साथ इस व्यवसाय से जुड़े अन्य लोगों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। यह घोषणा श्रीमती राजे ने गुरुवार को बारां कृषि मंडी में आयोजित अन्त्योदय एवं दिव्यांग शिविर में की। इस शिविर में मुख्यमंत्री श्रीमती राजे की उपस्थिति में 11 हजार 181 लोगों को विभिन्न योजनाओं में लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को बारां जिले को अनेक सौगातों से नवाजा। सौ करोड़ रुपये की सड़कों एवं पुलिया निर्माण की घोषणा के साथ-साथ उन्होंने जिला चिकित्सालय में अदानी पॉवर राजस्थान लि. के द्वारा सामाजिक सरोकारों की श्रृंखला में बनवाये जा रहे 11 करोड़ लागत केे ओ.पी.डी. ब्लॉक एवं 14 करोड़ के जी.एन.एम. कॉलेज की आधारशिला रखी तथा करीब 18 करोड़ की लागत से नवनिर्मित मातृ शिशु चिकित्सालय का लोकार्पण किया। कृषि उपज मंडी समिति परिसर में आयोजित विशाल अन्त्योदय एवं दिव्यांग कल्याण शिविर के समारोह में शिरकत कर उन्होंने दिव्यांगों के वैवाहिक परिचय सम्मेलन का शुभारंभ किया। समारोह में दिव्यांगों को सहायक उपकरणों का वितरण एवं विभिन्न योजनाओं में पात्र 11 हजार 181 लोगों को लाभान्वित किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन कर दिव्यांक परिचय स्मारिका ‘संगिनी’ का विमोचन भी किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से विकास के पथ पर राजस्थान को आगे ले जाना है। उन्होंने कहा कि विकास से अछूते क्षेत्रों के लिए विशेष कार्ययोजनाएं तैयार की गई हैं। शैक्षणिक उन्नयन हेतु प्रदेश में पोलीटेक्निक एवं आईटीआई कॉलेजों की स्थापना, मां शारदे बालिका छात्रवास व मॉडल विद्यालयों की स्थापना का कार्य किया जा रहा है। बारां कृषि उपज मंडी जुड़ेगी नेशनल मण्डी से उन्होंने किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने हेतु बारां कृषि उपज मंडी को नेशनल मण्डी से जोड़ने की भी घोषणा की। खेल सुविधाओं के विस्तार हेतु उन्होंने सीसवाली में इण्डोर हॉल के निर्माण की भी घोषणा की। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री प्रभु लाल सैनी ने भी संबोधित किया।मुख्यमंत्री ने की 100 करोड़ की सड़क घोषणाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में बारां जिले में सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा 563 करोड़ रुपये के कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होंने एक दर्जन से अधिक सड़कों व पुलियाओं के निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये के कार्यों की घोषणा की और पीडब्ल्यूडी मंत्री युनूस खान को निर्देश दिये कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं समय पर पूरे हों ताकि जनता को इनका अधिक से अधिक लाभ मिल सके।

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