प्रदेश में बनेंगे दो स्मार्ट विलेज, मुख्यमंत्री ने किया अन्ता में देश के चौथे डिजीटल रूम का शुभारंभ
 जयपुर।
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने गुरूवार को देश के चौथे डिजीटल क्लासरूम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की शुभारंभ की मौजूदगी में सिस्को इण्डिया लि. एवं आरएसएलडीसी के बीच इस डिजिटल क्लास रूम को स्थापित करने का एमओयू हुआ। इस एमओयू पर सिस्को इंडिया लि. की ओर से योगेश पाण्डे और राज्य सरकार की ओर से आरएसएलडीसी के प्रबंध निदेशक गौरव गोयल के बीच हस्ताक्षर हुए। इसके बाद आईटीआई अंता (बारां) देश की उन चार आईटीआई संस्थाओं में शुमार हो गया है जिन्हें देश में डिजीटल आईटीआई के रूप में विकसित किया जा रहा है। अंता के अलावा उत्तर प्रदेश के वाराणसी, नोएडा तथा बिहार के छपरा में इस तरह की आईटीआई विकसित की जा रही हैं। अब सिस्को राज्य सरकार के साथ मिलकर दो स्मार्ट विलेज तैयार करने पर भी काम करेगी। मुख्यमंत्री की पहल पर सिस्को इण्डिया लिमिटेड अगले चरण में प्रदेश के प्रत्येक संभाग में एक-एक आईटीआई तथा महिला आईटीआई संस्थाओं को डिजीटल आईटीआई के रूप में विकसित करेगा। डिजीटल क्लासरूम के माध्यम से इन आईटीआई में क्लाउड कम्प्यूटिंग से कहीं भी किसी भी उपकरण से सीखना एवं रियल टाइम रिकॉर्डिंग संभव हो सकेगी। अध्ययन सामग्री वैसी ही होगी जैसी सिस्को द्वारा यूरोप एवं अमेरिका में पढ़ाई जा रही है। डिजीटल क्लासरूम के माध्यम से उद्योगों के साथ भी संवाद कायम होगा। यहां उल्लेखनीय है कि अमेरिकी कम्पनी सिस्को नेटवर्किंग के लिए विश्वभर में विख्यात है तथा 165 देशों में नेटवर्किंग का कार्य कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि अब समय आ गया है कि हमें स्मार्ट सिटी से आगे बढ़कर स्मार्ट विलेज के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने आईटीआई अंता में शुरू किये गये इस डिजीटल क्लासरूम से मल्टी नोड कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आईटीआई वाराणसी तथा नोएडा के छात्रों, सिस्को मुख्यालय बैंगलूरू, मुख्यमंत्री कार्यालय एवं जेडीए के अधिकारियों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आईटीआई के छात्रों को अवसरों का लाभ उठाते हुए अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कौशल प्राप्त करना चाहिए ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके। सिस्को सिस्टम्स इंडिया के अध्यक्ष दिनेश मलकानी ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि अंता मॉडल की तर्ज पर 25 अन्य आईटीआई स्थापित करने में सिस्को सिस्टम्स इंडिया राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी। ये आईटीआई तकनीकी कौशल, व्यावसायिक कौशल एवं सॉफ्ट स्किल्स का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ मास्टर ट्रेनर्स को भी प्रशिक्षित करने का काम करेंगी। इनका पाठ्यक्रम अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का होगा एवं प्रशिक्षुओं को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का प्रमाण पत्र दिया जायेगा, जिससे इनके लिए देश-विदेश में रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे। इस अवसर पर कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी, झालावाड़-बारां सांसद दुष्यंत सिंह, सार्वजनिक निर्माण मंत्री यूनुस खान, परिवहन राज्यमंत्री बाबूलाल वर्मा, सचिव कौशल नियोजन एवं उद्यमिता रजत मिश्र, आरएसएलडीसी के एमडी गौरव गोयल एवं बारां कलेक्टर डॉ. सत्यपाल सिंह भी उपस्थित थे।

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