बाड़मेर जिले की चार ग्राम पंचायतो में स्वच्छता, स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा, विद्युत के साथ समस्त आवश्यक सुविधाएं जुटाई जाएगी। इन ग्राम पंचायतो में आधारभूत सुविधाएं जुटाने के लिए सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम में विशेष प्रावधान किया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो करोड़ रूपए खर्च होंगे।
बाड़मेर। 
जिले की सीमावर्ती चार ग्राम पंचायतांे मंे सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत समस्त आधारभूत सुविधाएं जुटाई जाएगी। इसके लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत विशेष प्रोजेक्ट को मंजूरी देते हुए अतिरिक्त राशि आवंटित की है। प्रदेश के तीन जिलांे की 16 ग्राम पंचायतांे मंे समग्र विकास कराया जाना है।
कार्यवाहक जिला कलक्टर एम.एल.नेहरा ने बताया कि बीएडीपी मंे विशेष बजट आवंटित करते हुए श्री योजनान्तर्गत सग्रम ग्राम विकास योजना के तहत विकास कार्य कराए जाएंगे। बाड़मेर जिले की सरहदी ग्राम पंचायतांे बुरहान का तला, बाखासर, मिठड़ाउ, गडरारोड़ ग्राम पंचायतांे मंे दो-दो करोड़ रूपए की लागत से विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए संबंधित विकास अधिकारियांे को आधारभूत सुविधाआंे संबंधित कार्याें के प्रस्ताव 20 नवंबर तक भिजवाने के निर्देश दिए गए है। उन्हांेने बताया कि इन ग्राम पंचायत मुख्यालयांे पर मूलभूत सुविधाएं स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल, ग्रामीण आतंरिक सड़कें मय नाली निर्माण, शिक्षा एवं चिकित्सा सुविधा के साथ विद्युत व्यवस्था की जाएगी।
कैसे होगी स्वच्छताः विशेष प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक गांव को साफ-सुथरा बनाने के साथ खुले मंे शौच से मुक्ति, गंदे पानी की व्यवस्थित निकासी एवं निस्तारण, नाली निर्माण एवं उनकी सफाई की व्यवस्था, ठोस एवं तरल कचरा संग्रहण एवं प्रबंधन के साथ सार्वजनिक शौचालयांे की व्यवस्था की जाएगी।
स्वास्थ्य सुविधाः प्रत्येक गांव मंे वर्ष पर्यन्त स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता के साथ राजकीय,सामुदायिक परिसर मंे स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, फ्लोराइड युक्त एवं खारा पानी वाले क्षेत्र में वाटर ट्रीटमेंट तथा आरओ प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
आतंरिक सड़कांे की सुविधाः प्रत्येक गांव मंे सुगम यातायात के लिए आतंरिक सड़कांे की सुविधा मय नाली के साथ प्रत्येक गांव को मुख्य सड़कांे से जोड़ना। इसी तरह राजकीय कार्यालयों, शिक्षा एवं चिकित्सा केन्द्रांे तथा धार्मिक स्थलांे तक सुगम मार्ग की पहुंच सुनिश्चित करना।
शिक्षा एवं चिकित्सा सुविधाः प्रत्येक गांव मंे छात्र संख्या के अनुपात मंे शाला भवनांे एवं कमरों का निर्माण, प्रयोगशालाआंे की समुचित व्यवस्था,उपकरण एवं रसायनांे की उपलब्धता, चिकित्सा एवं शिक्षा केन्द्रांे मंे शौचालय, पेयजल की सुविधा, छात्रांे के शारीरिक एवं कौशल विकास के लिए खेल मैदान, पुस्तकालय एवं खेलकूद की समुचित व्यवस्था, शिक्षा एवं चिकित्सा इकाइयांे मंे पंखों,फर्नीचर, बैड की व्यवस्था तथा चिकित्सा उपकरणांे एवं दवाइयांे की व्यवस्था की जाएगी।
विद्युत व्यवस्थाः प्रत्येक घर मंे रोशनी, राजकीय भवनांे, शिक्षा एवं चिकित्सा केन्द्रांे मंे रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। गांवांे के आम रास्तांे, सार्वजनिक स्थलांे एवं ग्राम चैपालांे पर समुचित रोशनी की व्यवस्था की जाएगी।

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