राजस्थान के प्रत्येक व्यक्ति का बनेगा हैल्थ कार्ड
जयपुर 
प्रदेश में आरोग्य राजस्थान अभियान के तहत एक अक्टूबर से घर-घर प्रारंभ किया गया सर्वेक्षण कार्य 20 नवम्बर 2015 तक पूर्ण करने के निर्देश दिये गये हैं। इस सर्वेक्षण के आधार पर चरणबद्घ तरीके से हैल्थ कार्ड बनायें जायेंगे एवं प्रदेश का हैल्थ इन्फोरमेशन नेटवर्क तैयार किया जायेगा।
मुख्य सचिव सी.एस.राजन ने बुधवार को प्रात: शासन सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये आरोग्य राजस्थान के सम्बन्ध में राज्य के सभी जिला कलेक्टरों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और जिले के आरोग्य राजस्थान योजना के नोडल अधिकारियों को यह निर्देश दिये।
राजन ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की आरोग्य राजस्थान के संबंध में की गयी बजट घोषणा को निर्धारित समय पर पूर्ण गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि स्वस्थ प्रदेश के सपने को साकार करने के लिए स्वास्थ्य के प्रति जनचेतना जागृत करना अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता से विभिन्न बीमारियों की प्रभावी रोकथाम की जा सकती है। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों से आरोग्य राजस्थान के लिए आयोजित किये जाने वाले शिविरों की तैयारियां समय पर करने के भी निर्देश दिये।
योजना के तहत चरणबद्घ तरीके से हैल्थ कार्ड बनाये जायेंगे। प्रथम चरण में आशाासहयोगिनियां घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त कर निर्धारित प्रपत्र में अंकित करेगी व बीमार व्यक्तियों को द्वितीय चरण में एक दिसम्बर से 31 मार्च, 2016 तक ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर आयोजित होने वाले स्वास्थ्य शिविरों के बारे में अवगत करायेगी। तृतीय चरण में बीमार व्यक्तियों का उच्च चिकित्सा संस्थानों व चिन्हित निजी चिकित्सालयों में नि:शुल्क उपचार कराया जायेगा एवं हैल्थकार्ड जारी किया जायेगा। इलेक्ट्रोनिक मेडिकल रिकार्ड के डेटाबेस को भामाशाह कार्ड से जोड़ा जायेगा।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मुकेश शर्मा ने जिला कलक्टरों से प्रतिदिन आरोग्य राजस्थान अभियान की मॉनिटरिंग करने एवं प्रदेशस्तर पर साप्ताहिक प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने आरोग्य राजस्थान के तहत् आयोजित किये जाने वाले स्वास्थ्य शिविरों में विभिन्न बीमारियों की जांच व दवाईयों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
संयुक्त शासन सचिव चिकित्सा एवं अतिरिक्त मिशन निदेशक डॉ. नीरज के. पवन ने जिला कलेक्टरों को आरोग्य राजस्थान की निर्धारित गाईडलाईन्स के तहत कार्य करने व स्वास्थ्य शिविरों में आरएमएससीएल की पर्याप्त मात्र में दवाईयों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता प्रतिपादित की।

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