एसडीएम और विधायक एक साथ होंगे आमजन से रूबरू
सांसद-विधायकों को भी मिलेंगे लाॅगिन-पासवर्ड, कलक्टर शर्मा ने ली एडोप्टर्स की बैठक, कहा- आमजन की समस्याओं के निस्तारण को लेकर सरकार गंभीर, राज-संपर्क पोर्टल पर दर्ज हुए निस्तारण का करें समुचित सत्यापन
जैसलमेर।
 हर माह के चैथे शुक्रवार को अब विधायक और एसडीएम मिलकर क्षेत्र की किसी ग्राम पंचायत पर जन-सुनवाई करेंगे। इस दौरान विकास अधिकारी, एडोप्टर, ब्लाॅक स्तरीय अधिकारी एवं सरपंच आदि भी मौजूद रहेंगे। 
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित एडोप्टर्स की बैठक में जिला कलक्टर ने यह जानकारी दी। उन्होंने मौजूद एडोप्टर्स से कहा कि वे षिकायतों के निस्तारण के सत्यापन और पुनः सत्यापन में गंभीरता बरतें। यदि मौके पर उनकी सत्यापन टिप्पणी को गलत पाया जाता है तो इसे अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा। आमजन को सरकार की मंषा के अनुसार समुचित लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान देष का पहला राज्य है, जिसमें इस प्रकार पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों का सत्यापन और पुनः सत्यापन कर आमजन को राहत दी जा रही है। गुड गवर्नेंस की दिषा में यह बहुत बड़ी पहल है कि समस्याओं के संबंध में सारी बातें पब्लिक डोमेन पर हैं। 
कलक्टर ने जन सुनवाई कार्यक्रमों के संबंध में नए सर्कुलर का हवाला देते हुए बताया कि उपखंड मुख्यालय पर माह के प्रथम गुरुवार को एसडीएम द्वारा की जाने वाली जन सुनवाई में अब क्षेत्र के विधायक भी भाग लेंगे। इसी प्रकार माह के दूसरे गुरुवार को जिला मुख्यालय पर कलक्टर की अध्यक्षता में होने वाली जन सुनवाई में क्षेत्र के विधायक व जिला प्रमुख भी भाग लेंगे। माह के चैथे गुरुवार को विधायक व एसडीएम द्वारा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर संयुक्त जन सुनवाई की जाएगी, जिसमें दूसरे अधिकारी भी भाग लेंगे। इस जन सुनवाई में जिला प्रमुख, प्रधान आदि जनप्रतिनिधि भी भाग ले सकेंगे। चैथे शुक्रवार को ग्राम पंचायत कलस्टर स्तर पर शुरू की जा रही इस जन सुनवाई की नई व्यवस्था में प्राप्त होने वाले परिवादों को राजस्थान संपर्क पोर्टल पर समाधान मीटिंग माॅड्यूल में दर्ज किया जाएगा। इन परिवादों को पृथक इवेंट में दर्ज किया जाएगा तथा संबंधित विधायक के विधानसभा क्षेत्र का नाम भी चयन कर अंकित किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्रीय समस्याओं के लिए सांसद व विधायकों को भी लाॅगिन आईडी व पासवर्ड दिए जा रहे हैं, जिससे वे अपने क्षेत्र से संबंधित बिंदू सीधे ही दर्ज कर सकते हैं। 

दूसरे गुरुवार को जिला मुख्यालय पर होने वाली जन सुनवाई में परिवादियों की संख्या को देखते हुए पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, नगरीय विकास व स्थानीय निकाय, समाज कल्याण, कृषि, खाद्य व नागरिक आपूर्ति, कोष व सार्वजनिक निर्माण विभाग के प्रकरणों को प्राथमिकता से लिया जा सकेगा। अन्य विभागों के प्रकरण इसके बाद रखे जा सकेंगे। व्यक्तिगत प्रकृति के प्रकरणों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। सामान्य जन सुनवाई के बाद ऐसे प्रकरणों की भी समीक्षा की जा सकेगी, जिसमें समाधान के बावजूद षिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हो या जिन्हें जिला जन अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति द्वारा विषेष तौर पर चिन्हित किया जाए। जिले के सभी डीएलओ इस जन सुनवाई में मौजूद रहेंगे तथा एसडीएम भी वीसी के जरिए इस जन सुनवाई से जुड़े रहेंगे। जिले के किसी भी क्षेत्र और किसी भी विभाग से परिवादी के आने की संभावना को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक विभाग अपने अधीन दर्ज परिवादों के लिए प्राथमिक तौर पर उत्तरदायी है। प्रत्येक विभाग को नियमित रूप से इन प्रकरणों की समीक्षा करनी चाहिए। 

सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की प्रोग्रामर जयश्री ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेषन के जरिए नए दिषा-निर्देषों की जानकारी दी। इस दौरान एडीएम भागीरथ शर्मा, सीईओ बलदेव सिंह उज्ज्वल, एसडीएम जयसिंह व नरेंद्र पाल सिंह, डीएसओ आंेकार सिंह कविया सहित समस्त एडोप्टर मौजूद थे। 

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