पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के लिए निर्वाचन कार्यक्रम घोषित
जयपुर
राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य की पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2015 कराने के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचरण संहिता के प्रावधान लागू हो गए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त रामलुभाया ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के प्रेस कक्ष में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम में बताया कि, राज्य के 33 जिला प्रमुख, 33 उप जिला प्रमुख, 295 प्रधान, 295 उप प्रधान, 1013 जिला परिषद सदस्य, 6258 पंचायत समिति सदस्य, 9872 सरपंच, 9872 उप सरपंच एवं 1 लाख 9 हजार 469 पंचों का निर्वाचन कराए जाने के लिए निर्वाचन कार्यक्रम घोषित किया।
आयुक्त ने चुनाव कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि, पंचायत चुनाव डूंगरपुर बांसवाड़ा एवं जैसलमेर में दो चरणों में एवं शेष सभी जिलों में तीन चरणों में कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि, पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्यों के लिए चुनाव की अधिसूचना जिला निर्वाच्न अधिकारियों द्वारा 3 जनवरी, 2015 को जारी की जाएगी। अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन पत्र भरने का कार्य शुरू हो जाएगा। नामांकन पत्र प्रात:11 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक भरे जा सकेंगे। जिला परिषद सदस्यों के लिए नामांकन संबंधी प्रक्रिया जिला मुख्यालय पर होगी। पंचायत समिति सदस्यों के लिए नामांकन संबंधी प्रक्रिया पंचायत समिति मुख्यालय पर होगी। नामांकन पत्र भरने की अंतिम तिथि 6 जनवरी, 2015 होगी। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 7 जनवरी, 2015 को की जाएगी तथा 8 जनवरी मध्यान्ह 3 बजे तक वापिस लिए जा सकेंगे। इसी दिन अपरान्ह 3 बजे बाद उम्मीदवारों को प्रतीक चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।
प्रथम चरण का मतदान दिनांक 16 जनवरी, 2015, द्वितीय चरण का मतदान 22 जनवरी, एवं तृतीय चरण का मतदान 30 जनवरी, 2015 को होगा। मतगणना आगामी 5 फरवरी, 2015 को प्रात: 8 बजे से जिला मुख्यालय पर होगी।
रामलुभाया ने बताया कि, पंच व सरपंच के लिए चुनाव की लोकसूचना 3 जनवरी को जारी की जाएगी। प्रथम चरण के चुनाव के लिए नामांकन पत्र 17 जनवरी, 2015, द्वितीय चरण के लिए 23 जरवरी तथा तृतीय चरण के लिए 31 जनवरी को भरे जाएंगे। नामांकन पत्र प्रात: 8 बजे से 11 बजे तक भरे जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच उसी दिन प्रात: 11.30 बजे से की जाएगी तथा मध्यान्ह 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।
प्रथम चरण का मतदान 18 जनवरी, 2015, द्वितीय चरण का मतदान 24 जनवरी एवं तृतीय चरण का मतदान 1 फरवरी, 2015 को होगा। मतदान प्रात: 8 बजे से 5 बजे तक होगा। मतदान के पश्चात् पंचायत मुख्यालय पर मतगणना की जाएगी।
आयुक्त ने बताया कि, जिला प्रमुख एवं प्रधान के चुनाव 7 फरवरी, 2015 को होंगे। उप जिला प्रमुख एवं उप प्रधान के चुनाव 8 फरवरी को होंगे। उप सरपंच का चुनाव प्रथम चरण में 19 जनवरी, 2015 द्वितीय चरण में 25 जनवरी एवं तृतीय चरण में 2 फरवरी को होगा। प्रथम चरण में 33 जिलों की 106 पंचायत समितियों में, द्वितीय चरण में 33 जिलों की 112 पंचायत समिति एवं तृतीय चरण में 30 जिलों की 80 पंचायत समितियों में विभिन्न पदों के लिए चुनाव होगा। तीनों चरणों में कुल 1013 जिला परिषद सदस्यों के चुनाव कराए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि, प्रथम चरण में पंचायत समिति के 2305 सदस्यों के और 3562 सरपचों के तथा 39 हजार 189 पंचों के चुनाव कराए जाएंगे। द्वितीय चरण में 2 हजार 167 पंचायत समिति सदस्यों, 3 हजार 503 सरपंचों एवं 38 हजार 272 पंचों, इसी तरह तृतीय चरण में 1 हजार 786 पंचायत समिति सदस्यों, 2 हजार 807 सरंपचों तथा 32 हजार 8 पंचों के चुनाव कराए जाएंगे। इस प्रकार तीनों चरणों में कुल 6 हजार 258 पंचायत समिति सदस्यों, 9 हजार 872 सरपंचों एवं 1 लाख 9 हजार 469 पंचों के चुनाव कराए जाएंगे।
ईवीएम से मतदान के संबंध में जानकारी देते हुए आयुक्त ने बताया कि, राज्य के समस्त जिलों में पंचायतीराज संस्थाओं के जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के आगामी चुनाव इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन के माध्यम से कराए जाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा भारत निर्वाचन आयोग से 85 हजार कंट्रोल यूनिट एवं 95 हजार बैलेट यूनिट की मांग की गई थी। भारत निर्वाचन आयोग से 31 हजार 500 कन्ट्रोल यूनिट एवं 47 हजार 500 बैलेट यूनिट ही उपलब्ध हो सकी हैं। राज्य निर्वाचन आयोग को इस प्रकार उपलब्ध ईवीएम से राज्य के 16 जिलों बारां, बूंदी, चित्तौडग़ढ़, चूरू, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, जैसलमेर, झालावाड़, करौली, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमन्द, सवाई माधोपुर, सिरोही एवं टोंक जिलों में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन के माध्यम से कराए जाएंगे। गौरतलब है कि, पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव, 2010 में तीन जिलों सीकर, भरतपुर एवं कोटा में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन के माध्यम से कराया गया था।
पहली बार फोटोयुक्त मतदाता सूची का प्रयोग
आयुक्त ने मतदाता सूची के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में इस बार पहली बार फोटोयुक्त मतदाता सूची का प्रयोग किया जाएगा। विधान सभा की मतदाता सूचियां जो मार्च, 2014 तक अद्यतन हैं, का डेटाबेस के रूप में उपयोग करते हुए आयोग द्वारा पंचायतीराज संस्थाओं की फोटोयुक्त मतदाता सूचियां तैयार करायी गई हैं। उन्होंने बताया कि, मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 28 दिसंबर 2014 एवं 30 दिसंबर 2014 को किया जाएगा। अंतिम रूप से प्रकाशित मतदाता सूची पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायत मुख्यालय पर जानकारी हेतु निशुल्क उपलब्ध रहेंगी। अंतिम प्रकाशन के बाद भी पात्र व्यक्ति सामान्य प्रक्रिया के तहत अधिसूचना जारी होने तक अपना नाम जुड़वाने, हटवाने अथवा शुद्घ करवाने के लिए आवेदन कर सकता है। इस प्रकार जोड़े, हटाए या शुद्घ किए गए नामों की सूची पूरक-2 के नाम से बनाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि, पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के लिए लगभग 3 करोड़ 28 लाख 63 हजार 488 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। इनमें से 1 करोड़ 73 लाख 29 हजार 844 पुरूष मतदाता एवं 1 करोड़ 55 लाख 33 हजार 604 महिला मतदाता एवं 40 अन्य के रूप में अंकित मतदाता हैं।
उन्होंने बताया कि, पंचायतीराज संस्थाओं के आगामी आम चुनावों में सभी निर्वाचनों में मतदाताओं को नोटा 'उपर्युक्त में से कोई नहींÓ का विकल्प उपलब्ध कराया गया है। यदि कोई मतदाता निर्वाचन लडऩे वाले अभ्यर्थियोंमें से किसी को अपना मत नहीं देना चाहे तो वह नोटा के विकल्प पर अपना मत अंकित कर सकता है।
शैक्षणिक योग्यता निर्धारित 
रामलुभाया ने चुनाव लडऩे वाले अभ्यर्थियों की योग्यता के लिए अतिरिक्त शर्तों की जानकारी देते हुए बताया कि, राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम में संशोधन किया जाकर निर्वाचन लडने वाले अभ्यर्थियों के लिए शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई हैं। जिसके अनुसार पंचायती समिति सदस्य एवं जिला परिषद सदस्य के लिए दसवीं एवं अनुसूचित क्षेत्रों में सरपंच के लिए पांचवीं तथा अन्य क्षेत्रों में आठवीं कक्षा पास होना आवश्यक हैं। इसके लिए चुनाव लडऩे वाले अभ्यर्थियों को अपनी शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण पत्र अपने नामांकन पत्र के साथ प्रस्तुत करने होंगे। इसके अतिरिक्त चुनाव लडऩे वाले अभ्यर्थियों के घर में कार्यशील शौचालय होना एवं उनके परिवार का कोई भी सदस्य खुले में शौच के लिए नहीं जाता हो की शर्त भी योग्यता में सम्मिलित की गई है। इस संबंध में आयोग द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्धारित प्रारूप में घोषणा लिए जाने के लिए निर्देशित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पंचायतीराज संस्थाओं के आगामी आम चुनाव संपन्न कराने के लिए 36 हजार 844 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मतदाता को वोट डालने के लिए मतदान केन्द्र पर मतदाता फोटो पहचान पत्र के माध्यम से अपनी पहचान स्थापित करानी होगी। मतदाता फोटो पहचान पत्र नहीं होने की स्थिति में आयोग द्वारा स्वीकृत 19 अन्य वैकल्पिक फोटो दस्तावेजों के माध्यम से पहचान कराई जा सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक जिले में आयोग की ओर से निर्वाचन प्रक्रिया पर निगरानी रखने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा।

आदर्श आचरण संहिता प्रभावी
आयुक्त रामलुभाया ने बताया कि, निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचरण संहिता के प्रावधान लागू हो गए हैं। आचरण संहिता शहरी निकायों की सीमा से बाहर समस्त क्षेत्र में निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण होने तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि के दौरान ग्रामीण क्षेत्र में नरेगा के कार्य यथावत जारी रह सकेंगे किन्तु इन कार्यों में श्रमिकों को नियोजित करने तथा भुगतान आदि के कार्य में सरपंच व अन्य जन प्रतिनिधि की भूमिका नहीं रहेगी।
उन्होंने बताया कि, जन प्रतिनिधि इस अवधि में शासकीय मशीनरी यथा सरकारी वाहन, सर्किट हाउस एवं कार्मिकों का प्रयोग राजनैतिक गतिविधियों के लिए नहीं कर सकेंगे। इस अवधि के दौरान जन प्रतिनिधि किसी प्रकार की परियोजनाओं अथवा योजनाओं के लिए आधारशिलाएं रखने, उद्घाटन करने अथवा किसी प्रकार की कोई भी वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति जारी अथवा घोषणा नहीं कर सकेंगे।
आयुक्त ने बताया कि इस अवधि के दौरान जन प्रतिनिधि निर्वाचन से जुड़े अधिकारी, कर्मचारियों की बैठक नहीं ले सकेंगे। निर्वाचन से जुड़े शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों के स्थानान्तरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। स्थानान्तरण के फलस्वरूप जिन अधिकारी/कर्मचारी को कार्यमुक्त अथवा कार्यग्रहण नहीं किया है, वे इस अवधि में कार्यमुक्त व कार्यग्रहण नहींं कर सकेंगे।
इस अवसर पर आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सत्यप्रकाश बसवाला, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक अनिल गुप्ता, आयोग के उप सचिव अशोक जैन सहित आयोग के अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

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