प्रधानमंत्री जन-धन योजना का शुभारंभ

प्रधानमंत्री ने जन-धन योजना का आगाज कर दिया है, इस योजना के तहत सिर्फ एक दिन में 1.5 करोड़ लोगों को बैंक खाते और बीमे का तोहफा मिला है। देश के घर-घर तक बैंकिंग सर्विस पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री जन-धन योजना का भव्य शुभारंभ हो गया है। एक दिन में 1.5 करोड़ बैंक खाते खोलने के लक्ष्य वाली इस महत्वाकांक्षी योजना को पूरे देश में एक साथ लॉन्च किया गया है। देश भर में करीब 80000 कैंप लगाए गए हैं। और 26 जनवरी 2015 तक 7.5 करोड़ खाते खोलने का लक्ष्य है।
बैंक अकाउंट के साथ-साथ 1 लाख रुपये का एक्सिडेंट कवर भी मिलेगा। और जो लोग 26 जनवरी 2015 तक खाता खुलवाएंगे उन्हें 30000 रुपये का लाइफ इंश्योरेंस भी दिया जाएगा। हर गरीब के हाथ में अब डेबिट कार्ड होगा और साथ ही ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी। इसके अलावा अब हर मोबाइल पर बैंकिंग सर्विस मिलेगी जो अब तक सिर्फ स्मार्टफोन पर ही मुमकिन थी।
प्रधानमंत्री जन-धन योजना के शुभारंभ के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जन-धन योजना के तहत 1 करोड़ खाते खोलने का लक्ष्य है। जन-धन योजना के तहत हर घर में कम से कम 1 बैंक अकाउंट लक्ष्य है। जन-धन योजना में खाते के साथ 1 लाख रुपये का बीमा मिलेगा। साथ ही 26 जनवरी 2015 तक जन-धन योजना के तहत खाते खुलवाने वालों को 1 लाख रुपये के दुर्घटना बीमा के अतिरिक्त 30000 रुपये का जीवन बीमा और मिलेगा।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 1.5 करोड़ लोगों के बैंक खाते खुलना ऐतिहासिक है। 1.5 करोड़ लोगों का एकसाथ दुर्घटना बीमा आज तक बैंकिंग इतिहास में नहीं हुआ है। इतने बड़े पैमाने पर स्कीम को लॉन्च करना बहुत बड़ी बात है। इस स्कीम की सफलता देश को नई ताकत देगी। साथ ही जन-धन योजना से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।
प्रधानमंत्री के मुताबिक जन-धन योजना के जरिए हम सब मिलकर देश से गरीबी मिटा सकते हैं। जन-धन योजना से गरीबों को साहूकार से महंगे कर्ज से आजादी मिलेगी। 26 जनवरी 2015 तक 7.5 करोड़ लोगों के बैंक खाते खोलने का लक्ष्य हासिल करेंगे। वहीं देश के हर गरीब के पास अमीरों की तरह डेबिट कार्ड होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जन-धन योजना के लिए देशभर में 77000 कैंप लगाए गए हैं और इस योजना के जरिए नया बैंक खाताधारक अर्थव्यवस्था में अपना पहला कदम रखेगा। गरीब महिलाओं के लिए बैंक खाता बेहद अहम होगा। गरीबी से लड़ने के लिए अर्थव्यवस्था सबसे अहम है। गरीबी से मुक्ति पाने के लिए वित्तीय छुआछूत से मुक्ति पानी होगी।
जानकार प्रधानमंत्री की जन-धन योजना को पुरानी फाइनेंशियल इंक्लूजन से जुड़ी स्कीमों से बेहतर बता रहे हैं, हालांकि वो ये भी मानते हैं कि इन योजनाओं को लागू करने में सरकार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
फिनो पेटेक के शैलेश पांडेय का मानना है कि मोदी सरकार की प्रधानमंत्री जन-धन स्कीम पुरानी फाइनेंशियल इंक्लूजन से जुड़ी स्कीमों के मुकाबले काफी अच्छी है। फुल पैकेज होने के कारण इसे लोग जरूर खीचें चले आएंगे। वहीं आईडीआरबीटी के प्रोफेसर वी एन शास्त्री का मानना है कि हर मोबाइल पर बैंकिंग की सुविधा देने का कदम काफी अच्छा है लेकिन इसमें चुनौतियां भी काफी होंगी।
वी एन शास्त्री के मुताबिक काफी जगहों पर मोबाइल सिग्नल की दिक्कत होती है जिससे कमजोर सिग्नल पर ट्रांजैक्शन में दिक्कत आएगी। साथ ही सस्ते फोन में एप्लिकेशन बेस्ड मोबाइल बैंकिंग में दिक्कत आएगी। लेकिन आईवीआरएस के जरिए ट्रांजैक्शन काफी आसान और सफल होगा।

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