बड़ों की लड़ाई में फंसे कार्यकर्ता
बाड़मेर।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और जसवंतसिंह के बीच मूंछ की लड़ाई में सीमावर्ती बाड़मेर सीट पर भाजपा के कार्यकर्ताओं की हालत खस्ता हो रही है। प्रदेश की हॉट सीट मे भाजपा कार्यकर्ताओं को बांटकर रख दिया है। मोदी लहर पर वसुंधरा-जसवंत की लड़ाई और जोर आजमाइश भारी होने लगी है। पार्टी से बागी हुए जसवंतसिंह ने अपनी पूरी ताकत बाड़मेर-जैसलमेर में झोंक दी है। उनकी पत्नी, भाई, पुत्रवधु सहित कट्टर समर्थक पूरे क्षेत्र में चुनावी सभाएं करने लगे हैं। ये सभी भाजपा के कार्यकर्ताओं पर ही जोर दे रहे हैं। इधर, भाजपा प्रत्याशी कर्नल सोनाराम चौधरी के पक्ष में मुख्यमंत्री वसुंधराराजे का पार्टी के कार्यकर्ताओं को जोड़ रही है।
कार्यकर्ताओं की हालत खस्ता
पार्टी की ओर से जसवंत के साथ खड़े सभी कार्यकर्ताओं का पता लगाकर उनको निर्देशित किया जा रहा है कि वे पार्टी के साथ रहे। इधर, जसवंतसिंह और मानवेन्द्र सिंह से जिन कार्यकर्ताओं के संबंध हैं वे खुलकर विरोध में आ गए हैं।
भितरघात का खतरा
इस स्थिति में दोनों ओर भितरघात का खतरा हो गया है। दोनों ओर दौड़ रहे पदाधिकारी और कार्यकर्ता वोटों को कहां मोडेंगे इस ओर सभी ध्यान लगाए हुए हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी को भूले
इस जंग का असर है कि भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी जसवंत दोनों ही कांग्रेस प्रत्याशी हरीश चौधरी को लगभग भूले हुए हैं। कांगे्रस प्रत्याशी इस बात की राहत महसूस कर रहा है कि घर की लड़ाई में उनके कार्यकर्ताओं की जोड़तोड़ पर कम ध्यान दिया जा रहा है।
सब याद आए : इस लड़ाई से छोटे कार्यकर्ताओं की भी पूछ होने लगी है। दोनों ओर से गांव ढाणी के कार्यकर्ता को व्यक्तिगत संपर्क कर समर्थन के लिए आग्रह किया जा रहा है।
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