मातृ मंदिर जोधासर की वर्षगांठ पर बही भक्तिरस की सरिता
बाड़मेर, 4 फरवरी।
मातृ मंदिर जोधासर (इन्द्रोई) में बसन्त पंचमी की षाम भक्ति संगीत के कार्यक्रम से सराबोर हो गई। श्रीमती गंगादेवी सगताराम जांगिड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा मातृ मंदिर की अठारहवीं वर्शगांठ पर आयोजित भक्ति संध्या में नामचीन फनकार ओसमान मीर ने भक्ति रस की बेहतरीन प्रस्तुतियां दी।
कार्यक्रम की षुरुआत आरती और गुरु वन्दना से हुई। ओसमान मीर ने गुजराती अंदाज में ‘हे जगजननी, हे जगदम्बा मात भवानी षरणे ले जे’ भजन से श्रोताओं में भक्ति का रस घोल दिया। सूफी गायकी भी इस भक्ति संध्या का खास हिस्सा रही। ‘मन लागो यार फकीरी में’, ‘ऐ री सखी मंगल गाओ री’ गाकर मीर ने श्रोताओं की खूब वाह-वाही लूटी। श्रोताओं की फरमाइष पर ‘जटा जूट चन्द्र भाल..’ षिव तांडव गाकर मीर ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। इसी दौरान मीर ने ‘केसरिया बालम पधारो नी’ गीत को सिंधी, पंजाबी व गुजराती अंदाज में पेष कर गायकी की कई बारीकियां पेष की। उन्होंने अपनी प्रस्तुतियों में आलाप, तान और हरकतों से षास्त्रीय गायन की अमिट छाप छोड़ी। स्थानीय कलाकार प्रकाष माली ने भी ‘गुरा सा बिना कुण प्रेम जल पावे’ और ‘चैसठ जोगणी माईए देवलिए रम जाय’ भजन गाकर कार्यक्रम में षमा बांध दिया। देर रात तक चले इस भक्तिरस के कार्यक्रम में महन्त प्रतापपुरीजी, अति जिला कलक्टर अरूण पुरोहित, मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुग्गरवाल, उपखण्ड अधिकारी बाड़मेर, जिला पुलिस अधिक्षक जयपुर महेन्द्र चौधरी , आयकर आयुक्त के. एल. माहेष्वरी, पदमाराम मिर्धा, नारूमल सिन्धी, तनसिंह चैहान, करणाराम चैधरी, अषोक गोलेच्छा, गायक प्रकाष माली समेत कई संगीत प्रेमी व धर्म प्रेमी मौजूद रहे।
इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण कार्यक्रम भी रखा गया। कार्यक्रम के अंत में लीलाराम जांगिड ने सभी आगन्तुकों का आभार जताया।
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