तीन माह से अनुपस्थित चिकित्सकों को कार्यमुक्त करने के निर्देश
जयपुर, 4 फरवरी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को 3 माह से ज्यादा समय से बिना अनुमति अनुपस्थित चल रहे चिकित्साधिकारियों एवं चिकित्साकर्मियों को 3 दिन में कार्यमुक्त कर निदेशालय में उपस्थित हेतु निर्देशित करने के आदेश दिये हैं। उन्होंने समस्त 108 एम्बुलेंस का भौतिक सत्यापन करने एवं उपकरणों सहित एम्बुलेंस को क्रियाशील रखने के निर्देश दिये हैं।
राठौड़ मंगलवार को सायं शासन सचिवालय स्थित वीडियो कांफ्रेन्स सेन्टर में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के समस्त संयुक्त निदेशकों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों एवं अन्य चिकित्साधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने 60 दिवसीय कार्य योजना के तहत चिन्हित 11 बिन्दुओं की अनुपालना सुनिश्चित कर साफ-सफाई, रंग रोगन, अनुपयुक्त सामग्री का निस्तारण, उपकरणों की मरम्मत एवं टायलेट्स की सफाई की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिये।
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी चिकित्साधिकारियों को निर्धारित संख्या में दौरे कर चिकित्सालयों का निरीक्षण करने एवं निरीक्षण के दौरान पायी गयी कमियों को यथाशीघ्र निस्तारित करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि चिकित्साधिकारियों के दौरों की रिपोर्ट के आधार पर निदेशालय में नियुक्त नोडल अधिकारी एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि समस्त चिकित्सा संस्थानों में ऑपरेशन थियेटर को विशेष रूप से निर्धारित मापदण्डों के अनुसार व्यवस्थित रखने एवं आवश्यक रूप से चिकित्साधिकारियों की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये।
राठौड़ ने चिकित्सा संस्थानों में प्रवेशद्वार से लेकर पूरे परिसर व मोर्चरी तक आवश्यक सफाई व सभी समुचित व्यवस्थाएं करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि रंग रोगन का कार्य, उपकरणों की मरम्मत व सिविल कार्य यथाशीघ्र पूर्ण किया जाये। इन कार्यों के लिये पर्याप्त राशि उपलब्ध करवायी गयी है एवं आवश्यकतानुसार अतिरिक्त राशि उपलब्ध करवा दी जायेगी। उन्होंने चिकित्सालयों में आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में उचित स्थानों पर संकेत चिन्ह लगाने एवं अनाधिकृत कब्जों को तुरन्त हटाने के भी निर्देश दिये।
चिकित्सा मंत्री ने रात्रिकाल में आपातकालीन इकाई में निर्धारित चिकित्सकों व चिकित्साकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित कर मरीजों को राहत प्रदान करने के निर्देश दिये। उन्होंने समस्त चिकित्साकर्मियों के निर्धारित समय पर चिकित्सालयों में उपस्थित रहने एवं निर्धारित ड्रेस में ही रहने पर बल दिया। उन्होंने स्वयं सेवी संस्थाओं से सहयोग लेकर ''एडाप्ट ए वार्डÓÓ योजना को क्रियाशील करने के निर्देश दिये।
रिक्त चिकित्साधिकारियों के पदों को भरने के लिये स्थानीय स्तर पर उपलब्ध व राजकीय चिकित्सालयों में सेवा करने के इच्छुक चिकित्सकों की सूचि निदेशालय को भिजवाने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि ट्रोमा यूनिट्स को विशेष रूप से सक्रिय रखा जाये एवं आवश्यकतानुसार चिकित्साकर्मी सुलभ कराये जायेंगे। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को दिये जाने वाले कलेवा व भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता प्रतिपादित की।
वीडियो कांफ्रेन्स के दौरान प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य दीपक उप्रेती, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा सुबोध अग्रवाल, मिशन निदेशक एनएचएम सुनील धारीवाल, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम नीरज के पवन, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. बी.आर.मीणा, निदेशक आर.सी.एच. डॉ. जे.पी. सिंघल, निदेशक एड्स डॉ. एस.एस. चौहान, निदेशक मोबाइल यूनिट, परियोजना निदेशक यू.डी. खान, वित्तीय सलाहकार सी.एम.अग्रवाल एवं मुख्य अभियंता सहित सम्बंधित अधिकारीगण मौजूद थे।
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें