
राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद कानून बना लोकपाल विधेयक
नई दिल्ली।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को लोकपाल बिल पर हस्ताक्षर कर दिए। इसके साथ ही भ्रष्टाचार विरोधी निगरानी संस्था अस्तित्व में आ गई है। लोकपाल से जांच के दायरे में प्रधानमंत्री को भी कुछ शर्तो के साथ रखा गया है।
राष्ट्रपति भवन के एक प्रवक्ता के अनुसार यह बिल राज्यसभा में 17 दिसंबर को पारित किया गया था। इसके अगले ही दिन यह लोकसभा में भी परित कर दिया गया था। लोकसभा सचिवालय ने मंगलवार को इस बिल की एक कॉपी विधि मंत्रालय को भेजी थी। इस पर लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके बाद इस बिल को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए राष्ट्रपति भवन भेजा गया था। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर व कुछ निश्चित नियमों के पालन के साथ ही यह बिल कानून बन जाएगा।
अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद विधि मंत्रालय में विधाई विभाग इस पर हस्ताक्षर कर इसे ऑफिशियल गजेट में प्रकाशन के लिए भेजेगा। कानून के तहत राज्यों को साल भर के अंदर लोकायुक्तों का गठन करना होगा जिनके स्वरूप का फैसला विधानसभाओं पर छोडा गया है।
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