चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को शीघ्र दूर किया जाएगा - चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री
जयपुर, 27 जनवरी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने सोमवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि प्रदेश के चिकित्सालयों में चल रही डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को शीघ्र दूर किया जाएगा।
राठौड़ ने प्रश्नकाल में विधायकों की ओर से इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि यह सही है कि राज्य में चिकित्सा के क्षेत्र में घोषणाएं तो बहुत हुई हैं, लेकिन बड़ी संख्या में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल स्टाफ के पद रिक्त होने के चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग में 3000 चिकित्सकों के और 42 हजार 660 पैरामेडिकल स्टाफ के पद रिक्त हैं। श्री राठौड़ ने बताया कि 31 हजार 208 पद नर्स ग्रेड और 14 हजार 811 अन्य पदों पर नई नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी की 100 चिकित्सकों की प्रतीक्षा सूची तैयार है, जिन्हें जल्द ही नियुक्ति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि संविदा पर भी डॉक्टरों को भर्ती की जाएगी।
राठौड़ ने बताया कि चिकित्सालयों में मरीजों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए अस्पतालों में सभी जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने 600 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 100 रेफरल अस्पताल और 15 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की थी, लेकिन इनको खोलने से पहले जनसंख्या के निर्धारित मापदण्डों का ध्यान नहीं रखा गया। राज्य सरकार इन घोषणाओं की समीक्षा करेगी।
राठौड़ ने आश्वासन दिया कि राजसमंद जिले के राजनगर की शहरी डिस्पेंसरी में एक स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद सृजित किया जाएगा। लेकिन यहां सेटेलाईट अस्पताल खोले जाने का विचार नहीं है। उन्होंने झोटवाड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का शीघ्र ही दौरा कर समीक्षा करने का भी आश्वासन दिया।
इससे पहले विधायक श्रीमती किरण माहेश्वरी के मूल प्रश्न के जवाब में राठौड़ ने बताया कि राजकीय सेटेलाईट चिकित्सालय खोले जाने के मानदण्ड निर्धारित नहीं हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय जनता की मांग, आवश्यकता, गुणावगुण के आधार पर राजकीय सेटेलाईट चिकित्सालय खोला जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि भारत सरकार के द्वारा ग्रामीण जनसंख्या आधारित निर्धारित मानदण्ड के अनुसार एक लाख की ग्रामीण जनसंख्या पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाने का प्रावधान है। इसी प्रकार सामान्य क्षेत्र में 30 हजार एवं जनजाति अथवा रेगिस्तानी क्षेत्रों में 20 हजार की ग्रामीण जनसंख्या पर एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाने का प्रावधान है।
राठौड़ ने कहा कि राजसमंद के पूर्व के संचालित जिला चिकित्सालय को नए भवन में 31 जुलाई, 2005 को स्थानान्तरित कर दिया गया है। पुराने भवन में पांच वार्ड, 16 कक्ष, स्टाफ आवास, मुर्दाघर, स्टोर इत्यादि उपलब्ध हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राजकीय जिला चिकित्सालय राजसमंद के पुराने भवन में राजकीय सेटेलाईट चिकित्सालय प्रारम्भ करने के लिए पर्याप्त भवन एवं भौतिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। पुराने भवन में वर्तमान में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृत है। आगामी वित्तीय वर्षों में वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता, आवश्यकता और गुणावगुण के आधार पर राजकीय चिकित्सालय खोले जाने के प्रयास किए जा सकेंगे।
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