बृजलाल मीना आधार कार्ड केन्द्र का किया गया आकस्मिक निरीक्षण
जैसलमेर,
प्रभारी अधिकारी (यू.आई.डी) एवं सहायक निदेषक (सांख्यिकी) डाॅ. बृजलाल मीना द्वारा गुरूवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित संचालित किये जा रहे आधार कार्ड केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डाॅ. मीना ने आधार कार्ड बनाए जाने के लिए नियुक्त कार्मिको को निर्देष दिये कि वे आम जन के आधार कार्ड सुगमतापूर्वक पूर्ण जानकारी सहित फार्म की आवष्यक जाॅंच कर तैयार करने एवं इस महत्वपूर्ण कार्य में कोई तकनीकी खामिया इत्यादि सामने आवे तो वे इस संबंध में आवष्यक रूप से अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करे। उन्होंने अबतक हुई गतिविधियों के बारे मे जानकारी प्राप्त की। डाॅ. मीना ने आधार कार्ड तैयार करने के लिए लगे कार्मिको को पुरूष एवं महिलाओं की अलग-अलग लाईने बनाकर सुविधापूर्वक ढंग से आधार कार्ड बनाए जाने पर विषेष बल दिया।
डाॅ. मीना ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जैसलमेर जिले में माह मार्च 2013 से यू.आई.डी. (आधार) नामांकन की प्रक्रिया वर्तमान में ग्रामीण /षहरी क्षेत्रो मे चलायी जा रही है। इस सम्बन्ध में प्रभारी अधिकारी डाॅ. बृजलाल मीना ने बताया कि जैसलमेर जिले में अवास इन्फोटेक लिमिटेड कम्पनी को अधिकृत किया गया है। जिले कि समस्त तहसील व पंचायत स्तर पर चरणबद्ध तरीके से नामांकन किए जा रहे है। जिले में वर्तमान में जिला मुख्यालय पर पुराने उपखण्ड कार्यालय में स्थाई नामाकंन आधार (यूआईडी) का कार्य चल रहा है तथा जिले में अन्य स्थानों पर नगरपालिका पोकरण के मिटिंग हाॅल में, डाबला में पंचायत भवन में, फतेहगढ़ में राजीव सेवा केन्द्र पर आधार नामाकंन का कार्य चल रहा है जहां पर आधार कार्ड हेतु आवष्यक दस्तावेजों के प्रमाणिकरण उपरान्त व्यक्तियों का नामाकंन किया जा रहा है।
डाॅ. मीना के अनुसार आधार नामांकन की प्रक्रिया पूर्णत निःशुल्क है एवं नामांकन एक बार ही होगा। पूर्व में नामांकित निवासियों को पुनः नामांकन की आवष्यकता नही है। प्रभारी अधिकारी (आधार) डाॅ. बृजलाल मीना ने यह भी बताया कि आधार कार्ड प्राप्त करने के लिए नजदीकी नामांकन केन्द्र पर जाकर अपना नामांकन करवाना है। नामांकन के लिए अपने साथ अपना फोटोयुक्त पहचानपत्र के साथ आवास प्रमाण पत्र एवं बैंक खाता नम्बर के साथ साथ बैंक का आई एफ एस सी कोड भी लाना आवश्यक है। अगर किसी निवासी के पास कोई प्रमाण पत्र नही है तो उसके परिवार के मुखिया की मदद से नामांकन करवाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि आधार नामांकन के समय शारीरिक (बायोमेट्रिक) पहचान जैसे-फोटो, फिंगरप्रिन्टस् व आंखों की पुतलियों की जानकारी एकत्रित की जाएगी।नामांकन के समय 5 वर्ष से छोटे बच्चों के बायोमेट्रिक नहीं लिये जाएंगे। नामांकन के पश्चात एक पावती (रसीद) दी जाएगी एवं आधार क्रमांक दिये गए पते पर डाक द्वारा स्वतः ही पहुँच जाएगा। पंजीकर्ता यह सुनिश्चित कर लेवे कि यदि पावती रसीद मे दी गई जानकारियाँ मे कमी पाई जाती है तो वे 96 घण्टे के अन्दर नामांकन पर आकर उसी मषीन पर गलती को ठीक करवाई जा सकती है । आधार कार्ड जीवनभर की पहचान का प्रमाण रहेगा।
डाॅ. मीना ने अवगत कराया कि आधार कार्ड द्वारा प्रदत्त विशिष्ट पहचान नम्बर देशभर में मान्य है जिससे सरकारी व गैर सरकारी सुविधाओं और सेवाओं को पाना आसान होगा। पहचान के स्पष्ट प्रमाण को मुहैया कराने के अलावा आधार नम्बर गरीबों और सुविधाओं से वंचित लोगों की औपचारिक बैकिंग प्रणाली मे आपकी पहुँच को आसान बनाएगा और सरकारी व निजी क्षेत्रो द्वारा मुहैया कराई जा रही सेवाओं का लाभ उठाने के लिये अवसर उपलब्ध कराएगा। डाॅ. मीना द्वारा किये गये आकस्मिक निरीक्षण के वक्त सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के वरिष्ठ बाबू ओम पंवार एवं कम्प्युटर आॅपरेटर दीपक व्यास मौजूद थे।
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