बाड़मेर भलीसर दोहरे हत्याकाण्ड का पर्दाफाश, तीन माह बाद मिली सफलता 

बाड़मेर 
राजस्थान के बाड़मेर ज़िले के धोरीमना थाना अंतर्गत भलीसर गांव की सरहद में 9 सितम्बर की रात्री में  ठाकराराम गोदारा के घर पर सो रही ठाकराराम की पत्नी श्रीमती सुगणी उम्र 57 वर्ष तथा ठाकराराम की बहिन श्रीमती धाई उम्र 58 वर्ष की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या कर उनके शरीर पर पहने गहने चोरी कर ले जाने के तीन माह पुराने सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाष करते हुए धोरीमन्ना पुलिस ने हत्या के आरोप में एक आरोपी को गिरफतार करने में अहम सफलता प्राप्त की है।
जिला पुलिस अधीक्षक सवाईसिंह गोदारा ने बताया कि इस दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए थानाधिकारी धोरीमन्ना राजेन्द्र चैधरी तथा रामसर थानाधिकारी देवीचंद ढाका के नेतृत्व में कानि0 वीरमखान 473 तथा कानि0 श्री पी0सी0 पोटलिया 863 की टीम का गठन किया तथा इस हत्याकांड का पता लगाने हेतु हरसंभव प्रयास किये गये। इन्हीं लगातार प्रयासों के परिणाम स्वरुप हत्या के करीब साढ़े तीन माह बाद आरोपी ओमप्रकाश पुत्र पूनमचंद विश्नोई निवासी-मुसलमानों की ढ़ाणी भलीसर को गिरफतार कर दोहरे हत्याकाण्ड का खुलासा कर दिया है। ज्ञातव्य है कि गडरा निवासी श्री केसरीमल ने दिनांक 10 सितम्बर एक लिखित रिपोर्ट थानाधिकारी धोरीमन्ना को दी कि उसकी माता श्रीमती धाई गायंे चराने अपने पीहर भलीसर ठाकराराम के घर गई हुई थी। दिनांक 09 सितम्बर 2013 को रात्री में खाना खाने के बाद धाई तथा ठाकराराम की पत्नी श्रीमती सुगणी ठाकराराम के घर सो रही थी। उस दिन ठाकराराम का पुत्र उदाराम तथा उसकी पुत्रवधू रामदेवरा यात्रा पर गये हुए थे। श्रीमती सुगणी तथा श्रीमती धाई को सोई हुई को अज्ञात हमलावरों द्वारा धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार कर दोनांे को जान से खत्म कर उनके पहने जेवरात तथा झोंपडें का ताला तोड़ कर अन्दर बक्से में रखे जेवरात तथा नकदी चुरा कर ले गये हैं।
थाना धोरीमन्ना में मामला दर्ज करने के बाद पुलिस अधीक्षक बाड़मेर ने घटनास्थल का निरीक्षण कर इस दोहरे हत्याकाण्ड को एक चुनौति के रुप में लेते हुए अनुभवी अधिकारियों को शामिल करते हुए टीम का गठन किया। गठित टीम द्वारा पुलिस के परम्परागत तरीकों तथा आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर अभियुक्त की तलाष पुलिस दल द्वारा उतराखण्ड, उतरप्रदेश, दिल्ली तथा राजस्थान में संभावित ठिकानों पर की गई। इसी तलाषी अभियान के दौरान आरोपी ओमप्रकाश को रेल्वे स्टेशन जयपुर से दस्तयाब किया जाकर आज गिरफतार किया गया है। आरोपी ओमप्रकाष ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि मृतका श्रीमती सुगणी जो रिश्ते में ओमप्रकाश की ताई लगती थी ने गांव में महिलाओं को अभियुक्त की पत्नी के बारे में टिप्पणी की थी जो ओमप्रकाश को चुभ गई। इस टिप्पणी से ओमप्रकाष आहत हुआ तथा उसने वारदात से चार माह पहले से ही सुगणी की हत्या का मानस बनाकर घटना से पूर्व भी दो बार हत्या के लिए सुगणी के घर पर रात्री में आया परन्तु एक बार तो अभियुक्त की बहिन सुगणी के पास सोई हुई होने तथा एक बार श्रीमती सुगणी के घर पर नहीं होने से वह अपनी योजना को अंजाम नहीं दे पाया। आरोपी पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि सुगणी तथा श्रीमती धाई की हत्या कुल्हाडी से कई वार करके करने के बाद मृतकाओं के पहने हुए तथा घर पर झोंपडे़ में रखे गहने तथा नकदी चोरी करके वह उसी दिन फरार हो गया। वारदात स्थल से जाते समय ओमप्रकाष मृतका श्रीमती सुगणी के पुत्र उदाराम की पेन्ट तथा जूते पहन कर चला गया। फरारी के दौरान उसने पुलिस से बचने के लिए वह हरिद्वार सहित दक्षिण भारत के आठ ज्योतिर्लिंग की यात्रा भी की। इस प्रकरण का पर्दाफाष करने में पुलिस अधीक्षक कार्यालय की कम्प्यूटर सैल के प्रभारी पन्नालाल हैड कानि0 तथा कानि0 ओमप्रकाष एवं थाना सेड़वा में तैनात कानि0 मोहनलाल का भी सराहनीय सहयोग रहा है। 
गिरफतार आरोपी ओमप्रकाश ने पुलिस को पूछताछ में हत्या में प्रयुक्त कुल्हाडी तथा चुराए गये जेवरात के बारे में अहम सूचनाएं उपलब्ध करवाई हंै। पुलिस द्वारा हत्या में प्रयुक्त आला-ए-कत्ल तथा चोरी गये जेवरात की बरामदगी हेतू थानाधिकारी राजेन्द्र चैधरी तथा रामसर थानाधिकारी देवीचंद ढाका द्वारा गहन पूछताछ की जा रही है। जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा पूरी पुलिस टीम को उचित इनाम दिलवाने हेतु उच्चाधिकारियों को आग्रह किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने मृतका के परिजनों द्वारा धैर्यपूर्वक पुलिस कार्यवाही में विष्वास करने तथा भलीसर के निवासियों को इस हत्याकांड के खुलासे हेतु सहयोग करने बाबत धन्यवाद दिया है।

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