राहत की आस: घट सकते हैं पेट्रोल के दाम 
नई दिल्ली। 
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और डालर के मुकाबले रूपए में मजबूती को देखते हुए तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल के दाम एक से डेढ़ रूपए प्रति लीटर तक कम कर सकती हैं। 
सूत्रों के अनुसार पेट्रोल की कीमतों में संशोधन के बारे में बुधवार को कोई फैसला किया जा सकता है। सरकार ने जून 2010 में पेट्रोल के दाम तय करने के लिए तेल विपणन कंपनियों को छूट दी थी। इसके बाद से कंपनियां आम तौर पर हर पखवाडे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के आधार पर दामों में घटबढ़ करती हैं। पंद्रह अक्टूबर को समाप्त पखवाडे में कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत में किसी प्रकार का संशोधन नहीं किया था। 
इससे पहले एक अक्टूबर से पेट्रोल की कीमतों में पिछले पांच साल में सबसे अधिक 3.05 रूपए प्रति लीटर कम किए थे। इससे पहले एक मई को पेट्रोल के दाम तीन रूपए प्रति लीटर (कर अतिरिक्त) कम किए गए थे। इसके बाद पांच माह के दौरान पेट्रोल के दाम में लगातार सात बार अर्थात 10.80 रूपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी किए जाने के बाद की गई थी। 
दिसम्बर के लिए न्यूयार्क मुख्य वायदा वेस्ट टैक्सास इंटरमीडियेट सुबह के कामकाज में 21 सेंट घटकर 98.47 डालर प्रति बैरल बोला गया। ब्रेंट नार्थ सी क्रूड दिसम्बर के लिए 109.11 डालर पर 50 सेंट नीचे था। पंद्रह अकटूबर को 3.05 रूपए प्रति लीटर की कटौती के बाद दिल्ली में कर मिलाकर पेट्रोल के दाम कुल मिलाकर 3.66 रूपए प्रति लीटर की कम हुए थे। फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल 72.40 रूपए प्रति लीटर है। 
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार इंडियन बास्केट में कच्चे तेल काभाव 28 सितम्बर को 106.45 डालर अर्थात 6546.68 रूपए प्रति बैरल था। रूपए में यह दाम विनिमय दर 61.50 रूपए पर है। सरकार ने इसी वर्ष 17 जनवरी को तेल कंपनियों को डीजल पर अंडररिकवरी को कम करने के लिए 50 पैसे प्रति लीटर तक बढ़ोतरी करने की छूट दी थी। इसके बाद से कंपनियां डीजल के दाम में नौ बार बढ़ोतरी कर चुकी हैं।

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