रेप के आरोप में पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर गिरफ्तार
जयपुर।
महिला से दुष्कर्म के मामले में पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर को सीबीआई न ेगिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने लगभग सात घंटे तक चली पूछताछ के बाद नागर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ सुबह सवा ग्यारह बजे राजधानी जयपुर के सर्किट हाउस मे शुरू हुई थी। सीबीआई सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौराप नागर द्वारा दुष्कर्म की पुष्टि हो गई।
तय समय से आधा घंटे लेट पहुंचा नागर
पूछताछ के लिए नागर तय समय साढ़े दस बजे के बजाय सवा ग्यारह बजे सर्किट हाउस पहुंचा। सीबीआई ने बुधवार रात नौ बजे नागर के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर पूछताछ के लिए नोटिस दिया था। सीबीआई सूत्रों के अनुसार पूछताछ के बाद नागर को गिरफ्तार भी किया जा सकता है। सीबीआई ने पूछताछ के लिए नागर के नौकर को भी बुलाया था।
पूछताछ के लिए सर्किट हाउस बुलाया
नागर को सुबह 10:30 बजे सीबीआई के कैम्प कार्यालय सर्किट हाउस में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। लेकिन नागर तय समय से लगभग नागर आधा घंटे देरी से पहुंचा। पूछताछ के लिए सीबीआई ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। नागर से पूछताछ के दौरान सीबीआई के डीआईजी मधुप तिवारी और एसपी जावेद सिराज भी मौजूद रहेंगे। दोनों अधिकारी अलग-अलग पूछताछ करेंगे। अब सभी की नजरें राजधानी जयपुर के सर्किट हाउस के कमरा नंबर 326 पर टिकी है और उत्सुकता है कि क्या नागर की गिरफ्तारी होगी?
सीबीआई इससे पहले नागर के बेटे रवि नागर से भी पूछताछ कर चुकी है। गौरतलब है कि एक विवाहिता ने पूर्व डेयरी मंत्री बाबूलाल नागर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। आरोपों के चलते नागर को मंत्री पद छोड़ने के साथ ही कांग्रेस से निष्कासन भी झेलना पड़ा।
ये है मामला
13 सितंबर को एक महिला ने राजधानी जयपुर के कोर्ट में परिवाद दायर किया था। इसमें उसने तत्कालीन डेयरी मंत्री बाबूलाल नागर पर घर बुलाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। पीडिता ने बताया कि राजस्थान के सरकार के मंत्री बाबूलाल नागर ने 11 सितम्बर को उसे दोपहर ढाई बजे फोन कर अपने घर बुलाया। उसी दिन शाम करीब पांच बजे वहां पहुंची तो मंत्री नागर ने उसे अच्छी नौकरी लगवाने का लालच दिया। साथ ही उसके रिश्तेदार को भी अच्छी नौकरी दिलाने का वादा किया।
कुछ देर बाद मंत्री कमरे में चला गया और पीडिता को कमरे में बुलाया। नागर ने पीडिता के जबरन कपड़े उतारे और दुष्कर्म किया। पीडिता के विरोध करने पर मंत्री ने धमकी दी कि तुम्हारा हाल भी भंवरी देवी जैसा कर दिया जाएगा। इसके बाद चौतरफा हमलों में घिरे नागर को 19 सितंबर को मंत्री पद छोड़ना पड़ा। सरकार ने जांच सीआईडीसीबी को सौंप दी लेकिन जांच प्रक्रिया की धीमी रफ्तार के चलते सरकार को सीबीआई जांच के लिए मजबूर होना पड़ा। इसके बाद केन्द्र सरकार को सीबीआई जांच की सिफारिश की गई। सीबीआई ने अनुमति मिलने के बाद जांच अपने हाथ मे ले ली।
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