परीक्षा पटवारी की, सफर मॊत का
बाड़मेर।
राजस्थान के बाड़मेर में पटवारी भर्ती परीक्षा में बाहर से आए सैकड़ो अभ्यर्थियों जिसमे बड़ी संख्या में युवा और महिलाए भी साथ थी ने रेल के उपर मौत का सफर तय किया। बाड़मेर पहुंची मालाणी एक्सप्रेस पर ये दृश्य देखकर हर देखने वाले की आँखे आश्चर्य से चौड़ी हो गई। अगर आप इन दृश्यों को देखते तो इन दृश्यों को देखकर आप खुद हैरान रह जाते कि किस तरह सैकड़ो नही बल्कि हजारो अभ्यर्थियों ने अपनी जान जोखिम में डाल कर ट्रेन के डिब्बो के उपर सवार होकर अपनी जान को दांव पर लगाई हैं। अपने परीक्षा केन्द्रों के लिए दिल्ली से बाड़मेर चलने वाली इंटर सिटी एक्सप्रेस पर अभ्यर्थियों की भीड़ ने छत पर सवार होकर हादसों को न्योता देते नजर आ रहे थे।बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर जैसे ही यह ट्रेन पहुंची तो पूरा रेलवे प्लेटफोर्म भीड़ से अट गया। बाड़मेर में छियतर परीक्षा केन्द्रों पर करीब पच्चीस हजार अभ्यर्थी पटवारी परीक्षा में भाग लेने के लिए इस गर्मी में भी रेल के उपर खड़े रह कर सफ़र करने को मजबूर है। क्योकि सरकार ने इस भर्ती परीक्षा के लिए कोई खास या स्पेशल ट्रेन नहीं चलाई जिसके लिए इन्हें इस तरह सफ़र करना पड़ रहा है। यह ट्रेन इंटर सिटी एक्सप्रेस दिल्ली से जयपुर से जोधपुर से होती हुई बाड़मेर पहुची है। आप खुद अनुमान लगा सकते हैं कि किस तरह चलती रेल में यह युवक खड़े हो होकर हादसों का सफर तय कर रहे है। ऐसा नहीं कि सिर्फ अभ्यर्थी यह मौत का सफर तय कर रहे है बल्कि जगह नहीं मिलने की वजह से कई महिलाए भी ट्रेन की छत पर सफ़र करने को मजबूर हो गई। ट्रेन के डिब्बे में जगह नहीं मिली तो कईयों को रिस्की सफर तय करना पड़ा। ट्रेन से हादसों को न्यौता देने के बाद सुरक्षित बाड़मेर पहुंचे युवाओ का कहना है कि प्रशासन की और से कोई भी अलग से ट्रेन उपलब्ध नहीं कराई गई और न ही अलग से कौच लगाए गए है इसलिए हमें मजबूरन उपर बेठ सफर तय करना पड़ा। बाड़मेर तहसीलदार बद्री नारायण विशनोई के अनुसार हमने अभ्यर्थियों के रहने के पुख्ता इंतजाम किए है और वापस इनके जाने के लिए अलग से ट्रेन भी चलाई जाएगी। इसके लिए जिला कलेक्टर ने रेलवे को पत्र लिख कर अतिरिक्त ट्रेन भी मांगी गई हैं।
अकेले बाड़मेर में सत्तर हजार अभ्यर्थी 
शनिवार को पूरे राज्य में पटवारी भर्ती परीक्षा का आयोजन रखा गया हैं। वहीँ बाड़मेर जिले में 135 पदों के लिए करीब सत्तर हजार युवा अभ्यर्थी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। जिसमे से अकेले बाड़मेर शहर और आसपास के इलाके में पच्चीस हजार युवा अभ्यर्थी पहुंचेंगे। लेकिन हर बार के परीक्षा आयोजनों की तरह इस बार भी सीमित संसाधनो के कारण इस तरह का सफर ये परीक्षार्थी करने को मजबूर हैं। यह सफ़र कितना खतरनाक है इस बात का आप अंदाजा इस बात से
लगा सकते हैं कि कुछ समय पहले ही अजमेर में रेल के उपर सफर करते हुए कई युवाओ की जान तक चली गई थी। लेकिन सरकार और रेल प्रशासन इस बात को लेकर गंभीर नहीं हुआ है।

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