गर्मी से बचाव के लिए जवानों को 'कूलवेस्ट' 
बाडमेर। 
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान रेगिस्तानी इलाक ों में 50 डिग्री तापमान के बावजूद सरहद पर चौकन्ने रहकर देश की सुरक्षा का कार्य कर रहे है। जवानों को भीषण गर्मी में किसी प्रकार की तकलीफ नहीं हो इसके लिए रक्षा शोध एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) को 'कूलवेस्ट' नामक डे्रस तैयार करने को कहा गया है। कुलवेस्ट से सामान्य तापमान 15 डिग्री तक कम हो जाएगा। 
सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक सुभाष जोशी ने बताया कि राजस्थान में किशनगढ, जैसलमेर में सबसे बड़ी फायरिंग रेंज स्वीकृत हुई है। उन्होंने बताया कि रेगिस्तानी इलाकों में जवान विपरीत परिस्थितियों में रहकर भी अपना फर्ज निभाते है देश की सुरक्षा के प्रति सचेत रहते हैं। पचास डिग्री तापमान में भी जवान बखूबी अपना काम करते हैं। सरहद की चौकियों पर पानी की विकट समस्या है दस से पन्द्रह किलोमीटर से पानी लाना होता है। जल्द ही सीमा चौकियों तक पाइप लाइन के माध्यम से पानी पहुंचाने की योजना अमल में लाई जाएगी। 
जोशी ने बताया कि सरकार ने केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों के आधुनिकीकरण की 11000 करोड़ रूपए की परियोजना को मंजूरी दे दी है। जिससे बल के आधुनिकीकरण से केन्द्रीय बलों को बेहतर हथियार, गोला बारूद, नाइट विजन उपकरण, गश्त में सहायक उपकरण, वाहन और अन्य बुनियादी सुविधाएं हासिल हो सकेगी। 
उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 को 'जवानों का वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही सभी सीमा चौकियों पर भोजनालय, बैरक तथा शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि बाडमेर सेक्टर में पिछले तीन साल से तस्करी एवं घुसपैठ की कोई भी घटना सामने नहीं आई है। यह सब बल के जवानों की चौकसी और सतर्कता के कारण संभव हो पाया है। जवानों ने घुसपैठियों को दबोचा भी है।

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