हर चेहरे पे लिखा है किताब से ज़्यादा : डॉ. सपना चमडिया

बाड़मेर(19 मार्च ) 
पढना है तो तू पढने का हुनर सीख /हर चेहरे पे लिखा है किताब से ज़्यादा | शिक्षा जगत में भी ज़रूरी है हम बच्चों को वो शऊर वो सलाहियत बख्शें जो उन्हें जिंदादिल इंसान बना सके | ऐसा इंसान जो अपनी संजीदगी से परिवार और पूरे परिवेश के प्रति हमदर्द बन सके | यह विचार राजधानी कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. सपना चमडिया ने व्यक्त किये | ओजस्वी संस्थान द्वारा शिक्षकों के लिए आयोजित रिफ्रेशर प्रोग्राम में मुख्या वक्ता के बतौर बोलते हुए डॉ . सपना ने कहा दरअसल हमें अपने बच्चों को इतनी जगह देनी होगी की वह गलतियां कर सकें और उनके सबक सीखें | द मॉडर्न स्कूल में जारी इस कार्यक्रम में डॉ. सपना चमडिया ने कहा अपने बच्चों को मिस्टर या मिस परफेक्ट बनाने के चक्कर में अक्सर हम उनको संवेदनहीन और निर्दयी बना देते हैं | देश के श्रेष्ठतम स्कूलों में पढने वाले बच्चों पर हुए एक सर्वेक्षण में पाया गया है की नंबरों की रेस में बच्चे तोता रटंत विद्या में तो माहिर हो जाते हैं मगर ज़िंदगी के प्रति उनका रवैया बेहद स्वार्थी किस्म का होता है |समाज की व्यवहारिक ज़िंदगी में अक्सर ऐसे लोग बड़े होकर मनोरोगों का शिकार होते हैं | डॉ. चमडिया ,ने कहा बच्चों को समझाने के पहले उनकी मनः स्थिति को समझना ज़रूरी है |जैसे ही हम उनको समझकर कुछ बात शेयर करते तो वह हमारी उम्मीद से ज्यादा ज़िम्मेदारी से पेश आते हैं | 
इससे पूर्व के सत्रों में डॉ. गीतिका खन्ना समस्या समाधान , डॉ. गोविन्द नारायण पुरोहित पाठ्यक्रम के अलावा बच्चो के विकास करने तथा अपने भीतर बैठे रोल मॉडल को जगाने और डॉ. बंशी धर तातेड ने सही मायने में शिक्षक बनने की ज़रुरत पर प्रकाश डाला | डॉ. दुर्गा प्रसाद सिंह ने कक्षा में पीछे बैठने वाले बच्चों को भी अपनी निगाहों के ज़रिये खुद से जोड़े रखने के लिए प्रेरित किया | डॉ. सिंह ने कहा गांधी जी भी अपनी कक्षा में पीछे बैठने वाले बचों में थे मगर एक दिन जब वो आगे बढे तो सबको पीछे छोड़ दिया | 
एक विशेष सत्र में आकाशवाणी जैसलमेर प्रभारी डॉ . महेंदर लालस ने कम्युनिकेशन विषय पर अपने उदगार रखते हुए अपनी सम्प्रेषण क्षमता को मज़बूत करने के लिए प्रेरित किया |लालस ने कहा एक शिक्षक के लिए बेहद ज़रूरी है की वह अपने तलफ्फुज और अंदाजेबयां को ऐसा असरदार बनाये कि उसके प्रभाव में बच्चे खुद को निखर सकें | प्रधानाध्यापिका श्रीमती नवनीत पचौरी ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया | कार्यक्रम का सञ्चालन बबिता आचार्य ने किया | 



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