डाइट के छात्र-छात्रों ने चमकाई दुर्ग की मोरी
जैसलमेर -
स्वर्णनगरी और खासतौर पर सोनार किले को चमकाने की मुहिम को मंगलवार को जिला षिक्षा एवं प्रषिक्षण संस्थान जैसलमेर के छात्र- छात्राओं का साथ मिला जिससे आई लव जैसलमेर टीम में एक नया जोष जागा ओर जन भागीदारी का सम्बल मिला।
मंगलवार को डाइट के द्वितीय वर्ष के छात्ऱ- छात्राओं का एक दल दस दिवसीय षिविर के अन्तर्गत सोनार किले के षैक्षिक भ्रमण पर था। दुर्ग में चल रहे स्व प्रेरित सफाई अभियान में जुटी आई लव जैसलमेर की टीम के साथ देखते ही देखते डाइट के छात्राध्यापक भी समाज सेवा के इस अभियान जा मिले। दंर्ग की मोरी में चल रहे सफाई कार्य में भावी षिक्षकों के इस दल ने मनोयोग से श्रमदान कर अपना सामाजिक सरोकार निभाया और सद्नागरिक होने का परिचय दिया।
टीम भी हुई खुष
मौके पर उपस्थित आई लव जैसलमेर टीम मे मैनेजर देवेन्द्रसिंह ने स्वप्रेरणा से अभियान में षामिल हुए युवा साथियों का गर्मजोषी के साथ स्वागत किया । छात्रों की लगन और निस्वार्थ सेवा को देखकर लव जैसलमेर की पूरी टीम और दुर्गवासी काफी प्रसन्न दिखाई दिए। दिनों दिन बढ़ते जन समर्थन और सहयोग से षहर को बदलने की मुहिम अपना रंग जमाने लगी है।
डाइट के वरिश्ठ व्याख्याता और षैक्षिक भ््रामण दल के प्रभारी हरिवल्लभ बोहरा ने बताया कि डाइट के 15 सदस्यों का एक दल विगत 11 मार्च से राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय लाणेला में दस दिवसीय षैक्षिक अभ्यास षिविर में तद्स्थलीय षिक्षण अभ्यास व षैक्षिक गतिविधियों का अध्ययन कर रहा है। मंगलवार को यह दल षिविर के षैक्षिक भ्रमण के तहत सोनार दुर्ग में निरीक्षण व अवलोकन पर था। जहां आई लव जैसलमेर टीम के साथ स्वप्रेरणा से जुड़कर प्रषिक्षणरत इन युवाओं और भावी षिक्षकों ने अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को निभाया।
प्रधानाचार्य से सराहा
डाइट के प्रधानाचार्य गजेन्द्र श्रीपत को जब छात्र-छात्राओं के दल द्वारा किले में श्रमदान व सामाजिकता का परिचय देने की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल फोन करके पूरी टीम और दल प्रभारी को बधाई दी व भावी षिक्षकों के इस कार्य की सराहना की।
ये थे शामिल
मंगलवार को सोनार दुर्ग में आई लव जैसलमेर की टीम के साथ कन्धे से कन्धा मिलाने वाले भावी षिक्षकों में पूनमाराम, ओमप्रकाष, मोहित दवे, प्रवीण कुमार, पीराराम, प्रहलादराम, नरपतराम, मनोहरसिंह, प्रियंका विष्नोई,लक्ष्मी कुमारी, मांगू भारती, सरिता व षान्ति षामिल थीं।
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