81 साल में पहली बार क्लीन स्वीप 

नइ दिल्ली। 
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज क्लीन स्वीप कर टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया। 4 मैचों की इस सीरीज में भारत ने सभी मैच शानदार तरीके से जीते और आस्ट्रेलिया की हर मैच में शर्मनाक हार हुई।
भारत ने अपने 81 साल के टेस्ट इतिहास में अब तक इस अंतर से कोई शृंखला नहीं जीती है। यही नहीं, इस जीत के साथ भारतीय टीम कोटला पर अपना 26 साल का अजेय रिकार्ड भी बरकरार रखा। भारत को इस मैदान पर 1987 में वेस्टइंडीज के हाथों अंतिम बार हार मिली थी।

यूं गिरे टीम इंडिया के विकेट
चौथे ही ओवर में भारत को पहला झटका उस समय लगा जब सलामी बल्लेबाज मुरली विजय (11) को मैक्सवेल ने क्लीन बोल्ड कर दिया। दूसरा झटका 123 रनों के स्कोर पर लगा और विराट कोहली 41 रन बनाकर लियोन की गेंद पर पगबाधा आउट करार दिए गए। इसके बाद मैदान पर आए सचिन तेंदुलकर महज एक रन बनाकर लियोन की ही गेंद पर पगबाधा आउट हुए। जीत के लिए जब 27 रन शेष बचे थे तो रहाणे भी एक रन जोड़कर मैक्सवेल की गेंद पर लपके गए।

आस्ट्रेलिया को 164 पर निपटाया
इससे पहले भारत के स्पिन गेंदबाजों ने फिरोजशाह कोटला मैदान की टूटती पिच पर रविवार को एक बार फिर कहर बरपाया और दूसरी पारी में मात्र 164 रनों के कुल योग पर आस्ट्रेलियाई टीम ऑलआउट हो गई। 

फिरकी के भंवर में फंसे कंगारू
आस्टे्रलिया ने अपनी दूसरी पारी की शुरूआत डेविड वार्नर और ग्लेन मैक्सवेल के साथ की। कप्तान शेन वॉटसन ने सोची-समझी रणनीति के तहत मैक्सवेल को पारी की शुरूआत करने के लिए भेजा लेकिन उनकी सोच गलत साबित हुई। 15 रनों के कुल योग पर जडेजा ने अपनी एक बेहतरीन फिरकी पर मैक्सवेल को बोल्ड कर दिया। मैक्सवेल ने 14 गेंदों का सामना करते हुए आठ रन बनाए।
इसके बाद जडेजा ने वार्नर को निशाना बनाया और 20 रन के कुल योग पर उनसे दूसरे दिन की छींटाकशी का बदला लिया। वार्नर आठ रन के निजी योग पर जडेजा द्वारा पगबाधा कर दिए गए। वार्नर ने 15 गेंदों पर एक चौका लगाया। वार्नर को आउट करने के बाद जडेजा ने कुछ अलग तरह से जश्न मनाया जो अम्पायर अलीम डार को रास नहीं आया। डार ने उन्हें ऎसा न करने की चेतावनी दी।
वार्नर की विदाई के बाद फिलिप ±यूज और एक कोवान स्कोर को 41 रनों तक लेकर गए लेकिन इसी योग पर अश्विन ने ±यूज को पगबाधा आउट करके भारत को तीसरी सफलता दिलाई। ±यूज ने 23 गेंदों का सामना किया।
अब विकेट पर कप्तान वॉटसन खुद आ चुके थे। उन पर अपनी टीम को मुश्किलों से निकालकर कम से कम 150 रनों की बढ़त दिलाने की चुनौती थी, जिसकी बदौलत मैच के अपने पक्ष में किया जा सकता था लेकिन वह भी नाकाम रहे।
वॉटसन पांच रन के निजी योग पर ओझा की गेंद को पुल करने के चक्कर में बोल्ड हो गए। यह विकेट 51 रनों के कुल योग पर गिरा। कुल योग में अभी दो रन और जुड़े थे कि जडेजा ने कोवान (24) को पगबाधा आउट करके अपनी टीम को पांचवीं सफलता दिलाई। कोवान ने 44 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके लगाए।
इसके बाद शेन वाटसन (5) को प्रज्ञान ओझा ने क्लीन बोड करा। मिशेल जॉनसन को जडेजा ने खाता खोलने का मौका भी नहीं दिया आर चलता किया। मैथ्यू वेड (19) को प्राान ओझा की गेंद पर विकेट के पीछे कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने लपका। पीटर सिडल (50) रन बनाकर और पेटिसन (11) रन बनाकर आउट हो गए। सिडल का विकेट अश्विन ने जबकि पेटिंसन का विकेट शर्मा ने ईशांत शर्मा ने झटका। 

<इ>दूसरी पारी में आस्ट्रेलिया पड़ा भारी
इससे पहले, भारत ने अपनी पहली पारी में 272 रन बनाए। आस्टे्रलिया ने अपनी पहली पारी में 262 रन बनाए थे। इस लिहाज से भारत को 10 रनों की बढ़त प्राप्त हुई।
भारत ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक आठ विकेट पर 266 रन बनाए थे। भुवनेश्वर कुमार 10 रनों पर नाबाद लौटे थे जबकि नए बल्लेबाज का विकेट पर आगमन नहीं हुआ था। रविचंद्रन अश्विन (12) का विकेट गिरने के साथ दिन का खेल समाप्त कर दिया गया था।
तीसरे दिन इशांत शर्मा और भुवनेश्वर बल्लेबाजी के लिए उतरे। भुवनेश्वर ने ग्लेन मैक्सवेल की गेंद पर चौका लगाकर जोरदार आगाज किया लेकिन नेथन लियोन द्वारा फेंके गए अगले ओवर की पहली ही गेंद पर इशांत बोल्ड हो गए। इशांत ने खाता भी नहीं खोल सके।
इसके बाद लियोन ने दूसरी ही गेंद पर प्रज्ञान ओझा (0) को पगबधा आउट करके भारतीय पारी समाप्त कर दी। भुवनेश्वर 14 रनों पर नाबाद लौटे। लियोन ने 94 रन देकर सात विकेट हासिल किए। टेस्ट मैचों में लियोन का यह अब तक का श्रेष्ठ प्रदर्शन है।
भारत की ओर से चेतेश्वर पुजारा (52) और मुरली विजय (57) ने अर्धशतक लगाए जबकि सचिन तेंदुलकर (32), कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (24), रवींद्र जडेजा (43) रनों का योगदान दिया था।

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