यादगार रहा आयरन फिस्ट -2013
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री सहित देश की कई हस्तियां बनी साक्षी
जैसलमेर, 22 फरवरी/जैसलमेर जिले के चांधन फायरिंग रेंज में भारतीय वायु सेना के शुक्रवार को हुए युद्धाभ्यास आयरन फिस्ट-2013 ने भारतीय वायु सेना की ताकत से रूबरू कराते हुए अपनी क्षमताओं का वैविध्यपूर्ण बहुआयामी प्रदर्शन कर आज के दिन को ऎतिहासिक बना दिया।
भारतीय सेना के इस युद्धाभ्यास आयरन फिस्ट -2013 के रोमांचक और शौर्य-साहस से भरे आकर्षक कार्यक्रमों और भारतीय सेना की महानतम क्षमताओं के साक्षी बने मुख्य अतिथि माननीय राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी, प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह, राजस्थान की राज्यपाल श्रीमती मार्गेट आल्वा एवं मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत, केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री एके एंटोनी, रक्षा राज्य मंत्री जितेन्द्रसिंह,उद्योग मंत्री राजेन्द्र पारीक, सांसद हरीश चौधरी, तीनों सेनाध्यक्ष, पूर्व केन्दि्रय मंत्री डॉ. मुरलीमनोहर जोशी एवं जसवन्तसिंह, मुख्य सचिव सीके मैथ्यू, पुलिस महानिदेशक हरीश मीणा, संभागीय आयुक्त हेमंत गेरा, पुलिस महानिरीक्षक डीसी जैन, जिला कलक्टर शुचि त्यागी, जिला पुलिस अधीक्षक ममता राहुल, एयरमार्शल अर्जुनसिंह, नौसेना कमाण्डर देवेन्द्रकुमार जोशी, भारतीय वायु सेना के एयरमार्शल ए.के. गोगाई तथा एयरकमाण्डो एस. रथ सहित विभिन्न देशों के रक्षा विशेषज्ञों, सैन्य अधिकारियों,उद्योगपतियों आदि ने प्रदर्शनों को सराहा।
इस दौरान वायु सेना के जांबाजों ने युद्धाभ्यास से जुड़ी सभी गतिविधियाें, अत्याधुनिक संचार और तकनीकि उपकरणों, सैन्य विधाओं, वायुयानों, हैलिकॉप्टर्स, एयरक्राफ्ट, बमवर्षक विमानों द्वारा लक्ष्यों के भेदन का बेहतर प्रदर्शन कर दिखा दिया कि भारतीय वायु सेना दुनिया में अपना विशेष स्थान रखती है।
युद्धाभ्यास के दौरान एनएसी कमाण्डो कार्यवाही, हवाई योद्धाओं की ड्रील, पैराग्लाइडिंग आकाशगंगा, सिंफनी आर्केस्ट्रा तथा रात के अंधेरे में मारक क्षमताओं, सर्च लाईट आपरेशन, प्राकृतिक आपदाओं के वक्त राहत व बचाव आदि का रोमांचक प्रदर्शन हुआ।
भारतीय वायु सेना के इस आयरन फिस्ट-2013 ने वायु सेना की क्षमताओं का जो मनोहारी प्रदर्शन किया उसने गर्व और गौरव का ज्वार उमड़ा दिया। इस दौरान् विभिन्न किस्मों के वायुयानों ने विभिन्न कोणों व दूरियों पर स्थित लक्ष्यों का सटीक भेदन किया। प्रदर्शन के दौरान रंगीन सारंग हैलिकोप्टर टीम द्वारा संतुलन कौशल, एयरक्राफ्ट द्वारा दुर्गम हालातों में जमीनी कार्यवाही, पेरा कमाण्डो,पैराशूटर्स, मिसाईल दागने व लक्ष्य तक पहुंचने, हवा में ही मिसाईल मको नष्ट कर देने आदि प्रदर्शनों ने वायुसेना की क्षमता का दिग्दर्शन कराया।
देश-दुनिया तक पहुची भारतीय क्षमताओं की गूंज
भारतीय वायुसेना ने ’आयरन फिस्ट-2013’ युद्धाभ्यास के जरिये चांदन फील्ड फायरिंग रेंज में अपनी अचूक मारक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। इसमें वायुसेना के लड़ाकों ने अपने करतबों और युद्ध कौशल से प्रहारक क्षमता की गूंज देश-दुनिया तक पहुंचाई। रेंज में तीन घंटे से भी अधिक समय तक आसमान में तिरंगा थामें आकाश वीरों के अचूक निशाने व भारी भरकम बम धमाकों की दहाड़ से दर्शक रोमांच और गर्व से भर उठे।
सामरिक शक्ति का बेहतरीन प्रदर्शन
आयरन फिस्ट युद्धाभ्यास में कई तरह के विमानों व हैलीकॉप्टरों द्वारा भारतीय वायुसेना की सामरिक शक्ति का प्रदर्शन किया गया। वायुसेना के जांबाजों ने आसमान में कई तरह के करतब दिखाए। सबसे पहले राष्ट्रीय ध्वज को हैलीकॉप्टरों द्वारा सलामी दी गई। इसके पश्चात युद्ध के दौरान विमान कैसे दुश्मन के ठिकानों पर बमबारी करते हैं, इसका लाइव डेमो दिया गया।
फील्ड में छिपे हुए आतंकवादियों को कैसे बाहर निकाल कर पकड़ा जाता है, इसका भी प्रदर्शन किया गया। युद्धाभ्यास में 200 से अधिक विमानों ने 30 से 40 प्रकार के प्रदर्शन किये। पैरा ड्रॉपिंग टीम आकाश गंगा पैराशूट से जमीन पर छलांग लगाकर सबको चकित कर दिया। सुरपसोनिक लड़ाकू विमान सुखोई 30 एमकेआई, एम.के.आई.,मिराज 2000, जगुआर, मिग-21,27, 29 व हॉक विमान ने इसमें सफलतापूर्वक भाग लिया।
युद्ध के दौरान भारी आयुद्ध, वाहनों व टैंक का परिवहन करने वाले विमानों का प्रदर्शन भी किया गया। ट्रांसपोर्ट वायुयानों में सीआई-30 जे, एएन-32, इम्बरार व आई एल 76, एमआई 17वीं5-एम आई 17वीं फोर शामिल हुए। वायुसेना में हाल ही में शामिल रंग-बिरंगा विमान पिलटेस ’अस्त्र’ने भी करतब दिखाए। इसके अलावा सुखोई, हरक्यूलिस व भारत का बहुद्देशीय हेलिकॉप्टर ध्रुव विमान भी पहली बार युद्धाभ्यास में शामिल हुआ।

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