खुलओम घूम रहे दहेज हत्या प्रकरण के आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग 
बाड़मेर। 
सरहदी बाड़मेर जिला मुख्यालय पर एक विवाहिता की ससुराल पक्ष ने षडयंत्र रच दहेज के खातिर हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप दे दिया। मृतक के परिजनों द्वारा महिला थाने में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज करने के दो माह बाद भी पुलिस विभाग कोई कार्यवाही नही कर रहा है। चूकि आरोपी सत्ता पार्टी कांग्रेस के रसूखदार पद पर है इसलिए पुलिस उन पर हाथ नही डाल रही है इस आशय का ज्ञापन पीड़ित पक्ष ने पूर्व सांसद मानवेन्द्रसिंह को मंगलवार को सर्किट हाऊस मं दिया। इस दौरान सैकड़ो लोगो ने आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग रखी। मृतक के पिता गिरधारीराम पूर्व पंचायत समिति सदस्य ने आज पूर्व सांसद मानवेन्द्रसिह को गांव के सैकड़ो लोगो के साथ ज्ञापन सुपुर्द किया। ज्ञापन में लिखा है कि मेरे द्वारा पुलिस थानामहिला थाना में दिनांक 12.01.2013 को एक प्रथम सूचना रिपोर्ट मेरी पुत्री को योजनाबद्ध तरीके से दहेज के लिए मार डालने वाले मुलजिमान केवलचंद, तुलसीदेवी, अशोक कुमार, मिरादेवी, प्रवीण, खुशबू के विरूद्ध दर्ज करवाई थी। उक्त रिपोर्ट को पुलिस थाना महिला थाना ने प्रथम सूचना संख्या 07/13 अपराध अन्तर्गत धारा 498ए, 302/304बी भा.द.स. के तहत दर्ज कर अनुसंधनान प्रारम्भ किया गया। उक्त प्रकरण के अनुसंधनान अधिकारी इस प्रकारण में सही रूप से जांच नही कर रहे है तथा मुलजिमान के प्रभाव में आकार घटना की सही रूप से जांच नही कर हमारे को न्याय से वंचित रखने की कोशिश कर रहे है। हमारे द्वारा अनुसंधनान अधिकारी को सम्पूर्ण वास्तविकता से अवगत करवाया तथा सही रूप से जांच करने का निवेदन किया तथा मुलजिमान को उनके कृत्य के लिए दण्डित करवाने का निवेदन किया, लेकिन अनुसंधनान अधिकारी सही रूप से जांच नही कर हमारे को नुकसान पहुॅचाने पर अमादा है। इस कारण आगे इन्ही के द्वारा जांच करने से हमारे को न्याय मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। उक्त मुलजिमान केवलचंद, तुलसीदेवी, अशोक कुमार, मिरादेवी, प्रवीण, खुशबू में से केवल दो नामजद केवलचंद व अशोक कुमार को ही हिरासत में लिया जिनको भी छोड़ दिया गया है एवं बाकी अपराधियों को आज दिन तक पकड़ा नही है एवं सुनने में आ रहा है कि उनकी अग्रिम जमानत में रिहाही हो रही है। मेरी बेटी के सुसराल वालों ने परेशनान किया तब मुझे मजबूर होकर उनको मेरी बेटी के नाम से 1,30,000/ चैक द्वारा दिनांक 21.04.2009 को दिये। कि चैक देने के बाद छः माह तक मेरी बेटी के ससुराल वालों परेशनान नही किया। बाद में फिर से परेशान करने व यातनाएं देने लेगे और आखिर उसको मौत के मुंह में डाल दिया। जिसकी सारी रिपोर्ट इसके साथ संलग्न है। 
उक्त प्रकरण में आरोपी केवलचन्द बृजवाल सेवानिवृत अभियन्ता है तथा सत्ताधारी दल कांग्रेस का रसूखदार नेता है इसलिए पुलिस उसे तथा उसके परिवार के खिलाफ कार्यवाही करने की बजाए उन्हे यह शह दी जा रही है। उन्होने मांग रखी है कि एक सप्ताह में आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही नही होगी तो पीड़ित पक्ष द्वारा जिला मुख्यालय पर धरने प्रदशर्न किए जाएगें जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

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