गंभीर पर आरोप,देश के लिए नहीं खेलते
नागपुर।
वेबसाइट के मुताबिक धोनी को लगता है कि गंभीर देश से ज्यादा अपने हितों को तरजीह दे रहे हैं। वह बहुत आत्मकेन्द्रित हो गए हैं। एक खिलाड़ी ने बताया कि गंभीर सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं। वह सिर्फ टीम में अपनी जगह बनाने के बारे में सोचते रहते हैं। लंबे समय से खराब फॉर्म के कारण गंभीर का मनोबल गिर गया है। वह टीम से जुड़े मुद्दों को अहमियत नहीं दे रहे लेकिन धोनी इस बात से नाराज हैं कि गंभीर देश के लिए नहीं सिर्फ अपने लिए खेल रहे हैं। मुंबई टेस्ट इसका ताजा उदाहरण है।
मुंबई टेस्ट में गंभीर की दिलचस्पी नाबाद रहकर सिर्फ अपना स्कोर बढ़ाने में थी। उनका ध्यान पुछल्ले बल्लेबाजों का बचाव करते हुए टीम का तेजी से स्कोर बढ़ाने पर नहीं था।
शायद यही वजह थी कि वह ओवर की पहली और दूसरी गेंद पर रन ले लेते थे। उन्होंने पुछल्ले बल्लेबाजों को मोंटी पनेसर और ग्रैम स्वान जैसे गेंदबाजों का मुकाबला करने के लिए छोड़ दिया। उस वक्त टीम को ज्यादा रनों की जरूरत थी ताकि टीम मैच में वापसी कर सके लेकिन गंभीर ने ऎसा नहीं किया। वह सिर्फ मूकदर्शक बने रहे।
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