खलील चिश्ती को राहत,जाएगा पाकिस्तान
नई दिल्ली।
सुप्रीम कोर्ट ने 80 साल के पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद खलील चिश्ती को पाकिस्तान जाने की इजाजत दे दी है। न्यायाधीश पी.सदशिवम और न्यायाधीश रंजन गोपाल की पीठ ने यह फैसला सुनाया। पीठ ने कहा कि हत्या के मामले में चिश्ती पहले ही एक साल और चार महीने की सजा काट चुका है इसलिए उसे और कस्टडी में रखने की जरूरत नहीं है। इस साल अप्रेल में सुप्रीम कोर्ट ने चिश्ती को मानवीय आधार पर जमानत दी थी। पिछले हफ्ते कोर्ट ने चिश्ती की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। चिश्ती ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें उन्हें अजमेर में हुई एक हत्या के मामले में दोषी करार दिया गया था। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था।
कौन है खलील चिश्ती
खलील चिश्ती पाकिस्तान नागरिक है। वह पेशे से चिकित्सक है। कराची के एक मेडिकल कॉलेज में वह वायरोलॉजिस्ट थे।
कैसे फंसा मर्डर के केस में
खलील चिश्ती 1992 में जियारत के लिए अजमेर आया था। कहा यह भी जाता है कि वह अपनी मां से मिलने आया था। अजमेर यात्रा के दौरान वह अपने रिश्तेदार के यहां रूका था। इस दौरान इरशाद नाम के एक व्यक्ति की हत्या हो गई। इस मामले में चिश्ती सहित कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया।
अन्य आरोपियों को जमानत मिल गई लेकिन चिश्ती को पिछले साल जनवरी में ट्रायल कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी। यह मामला 18 साल तक चला। चिश्ती ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी थी लेकिन हाईकोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद चिश्ती ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
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