फ्लेगिशप योजनाओं का मिल रहा है लोगों को लाभ 
बाडमेर, 
राज्य सरकार की फ्लेगिशप योजनाओं का लाभ आम जन को मिल रहा है। फ्लेगिशप योजनाओं के जरिये सभी श्रेणी के परिवारों को राजकीय अस्पतालों में नि:शुल्क दवाईयां मुहैया हो रही है। वहीं जननी शिशु सुरक्षा योजना से जिले की गर्भवर्ती महिलाएं, प्रसूताएं एवं बच्चे लाभान्वित हो रहे है। 
राज्य में मुख्यमंत्री अन्न सुरक्षा योजना की 10 मई 2010 से शुरूआत कर राज्य सरकार ने गरीब के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है। इस योजना मे प्रत्येक बीपीएल एवं स्टेट बीपीएल परिवारों को 25 किलो. गेहॅू प्रतिमाह दो रूपये किलो की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में 115115 बीपीएल व 29563 स्टेट बीपीएल परिवारों को 25 किलो. गेहॅू प्रतिमाह 2 रूपये किलो. तथा अन्त्योदय अन्न योजना में 30563 परिवारों को 35 किलो. गेहॅू प्रतिमाह 2 रूपये की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। 

प्रदेश में 2 अक्टूबर 2011 से प्रारम्भ हुई राज्य सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत सभी श्रेणी के परिवारों को राजकीय अस्पतालों में नि:शुल्क दवाईयां उपलब्ण करवाई जा रही है। बाडमेर जिले के बाडमेर एवं बालोतरा चिकित्सालयों के साथ 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं 69 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्थापित कुल 97 दवा वितरण केन्द्रों के माध्यम से नि:शुल्क दवा उपलब्ध कराई जा रही है। बाडमेर जिले में अक्टूबर 2012 तक 14 लाख 17 हजार रोगियों का नि:शुल्क उपचार किया जा चुका है। 

संस्थागत प्रसव बाने, प्रसूता एवं शिशु को सम्पूर्ण सुरक्षा मुहैया करवाने के उदेश्य12 सितम्बर,2011 से शुरू हुई जननी शिशु सुरक्षा योजना से बाडमेर जिले की गर्भवर्ती महिलाएं, प्रसूताएं एवं बच्चे लाभान्वित हो रहे है। गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं एवं शिशुओं को नि:शुूल्क परिवहन की सुविधा दी जा रही है। प्रसूताओं को ताजा पौश्टिक आहार एवं शिशुओं का सरकार की ओर से 30 दिवस तक नि:शुल्क उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। 

इन्दिरा आवास योजना की तर्ज पर वशर 201112 में मुख्यमंत्री ग्रामीण बीपीएल आवास योजना की शुरूआत की गई। बीपलएल सूची 2002 के आधार पर तैयार की गई इन्दिरा आवास योजना की प्रतीक्षा सूची में आवास स्वीकृति से शेष रहे आवासहीन तथा बच्चा आवास वाले परिवारों को इस योजना में आवास स्वीकृति के पात्र माना गया है। योजनान्तर्गत अनुसूचित जाति के परिवारों को अनुदान के रूप में 50,000 रूपये तथा अन्य परिवारों को 45,000 रूपये देय है। इस राशि से 20 वर्गमीटर पक्का आवास निर्माण किया जाना होता है। आवास स्वीकृति के साथ ही 50 प्रतिशत राशि प्रथम किश्त के रूप में लाभार्थी के खाते में हस्तान्तरितद कर दी जाती है। आवास का लिंटन लेवल तक निर्माण हो जाने पर प्रथम किश्त का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त होने पर 40 प्रतिशत तथा आवास पूर्ण होने पर शेष 10 प्रतिशत राशि लाभार्थियों के खाते में हस्तान्तरित की जाती है। आवास के साथ ही स्वच्छ शौचालय निर्माण के लिए 3200 रूपये का अनुदान टीएससी मद से दिया जाता है। 







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मुख्यमंत्री ग्रामीण बीपीएल आवास योजना में बाडमेर जिले को वशर 201112 के लिए 18033 आवास निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। दिनांक 313-2012 तक 18016 आवासों की स्वीकृति जारी कर 18016 को प्रथम किश्त, 4 दिसम्बर 2012 तक 17686 लाभार्थियों को द्वितीय तथा 89 लाभार्थियों के खातों में तृतीय किश्त हस्तान्तरित कर दी गई है। 

प्रदेश में पारदशीर शासन सुनिश्चित करने एवं आम जन को निर्धारित समय सीमा में काम करके देने की गारन्टी देने के लिए राज्य सरकार ने राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारन्टी अधिनियम 2011 पारित कर लागू किया है। निर्धारित अवधि में आम जन का कार्य नहीं करने वाले कार्मिकों पर जुर्माने का प्रावधान भी रखा है। बाडमेर जिले में इस अधिनियम के तहत अक्टूबर 2012 तक 127972 प्राप्त आवेदन पत्रों मे से 127699 आवेदन पत्रों का निस्तारण किया जा चुका है। 

गरीबों को विकसित कॉलोनियों में न्यूनतम दरों पर आवास उपलब्ध करवा कर उनके अपने घर का सपना साकार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा 23 दिसम्बर 2009 को अफोर्डेबल हाउसिंग पालिसी 2009 जारी की गई थी। बाडमेर जिले में इस हेतु नगर परिशद द्वारा खसरा नम्बर 3902/1431 की 50 बीघा भूमि चयनित की जाकर आवास हेतु संपरिवर्तन की गई है। 

ग्रामीण बीपीएल आवास योजना की तर्ज पर शहरी बीपीएल परिवारों को नि:शुल्क आवास उपलब्ध करवाने के लिए राश्ट्रीय सलाहकार परिषद की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी एवं मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने बाडमेर में 30 अगस्त, 2012 को इस योजना की ाुरूआत की। इस योजना में 50,000 रूपये का अनुदान आवास निर्माण एवं 5000 रूपये षौचालय निर्माण के लिए देने का प्रावघान है। यह योजना निश्चित रूप से ाहरी गरीबों के आिशयाने के सपनों को हकीकत में बदलेगी। 

प्रदेश में सुनवाई का अधिकार अधिनियम एक अगस्त, 2012 से लागू हो चुका है। इस अधिनियम के तहत आम आदमी की समस्याओं तथा अभाव अभियोगों पर उनके अपने क्षेत्र में ही एक निश्चित समय सीमा में सुनवाई हो सकेगी। लोक सेवाओं के प्रदान करने की गारन्टी अधिनियम के तहत शामिल सेवाओं के पूरक के रूप में देश में पहल करते हुए राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम 2012 को राज्य में लागू किया गया है। 

कृशि उत्पादन में वृद्धि हेतु कृशकों के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाने के लिहाज से यह योजना लागू की गई है। इसके तहत काश्तकारों द्वारा लिये गये ऋण को समय पर चुकता करने पर कोई ब्याज नहीं लिया जाता है। इस योजना में वर्तमान खरीफ के सीजन में जिले में 1.5 लाख किसानों को 436 करोड़ रूपये का ऋण वितरित किया गया है। 

बीपीएल परिवारों के सदस्यों के किसी भी प्रकार के गम्भीर असाध्य रोग से ग्रेसित होने पर उनके इलाज पर होने वाला समस्त व्यय सरकार वहन करती है। बाडमेर जिले में बीपीएल जीवन रक्षा कोश योजना में अप्रेल से अक्टूबर, 12 तक 13500 रोगियों का नि:शुल्क उपचार किया गया है। 

राज्य सरकार की मुख्यमंत्री पशुधन नि:शुल्क दवा योजना का शुभारम्भ 15 अगस्त, 2012 को किया गया है। इस योजना में पशुओं के इलाज में उपयोग होने वाली दवाईयां राजकीय पशु चिकित्सालयों में नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। अक्टूबर माह तक 135221 पशुओं का आउटडोर में उपचार किया गया जिससे 18415 पशुपालक आउटडोर में लाभान्वित हुए है। साथ ही 371 शिविरों के माध्यम से 36457 पशुओं का उपचार करते हुए 7197 पशुपालकों को लाभान्वित किया गया है।

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