अब अवैध खनन की सामग्री प्रयोग करने वालों की खैर  नहीं 
बाडमेर, 12 अक्टूबर।
जिले में अवैध खनन के जरिये अपनी औद्योगिक इकाईयां चलाने वाले उद्यमियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। जिले के राजस्व अधिकारियों को अपने क्षेत्र में नियमित रूप से निरीक्षण कर पानी, बिजली, सडक तथा चिकित्सा समेत मूलभूत सुविधाओं को परखने की हिदायत दी गई है ताकि धरातल पर जन समस्याओं से रूबरू होकर उनका प्रभावी समाधान किया जा सकें। जिला कलेक्टर भानु प्रकाश एटूरू ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व अधिकारियों की बैठक में यह बात कही। 

इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने कहा कि सभी उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार व नायब तहसीलदार अपने क्षेत्र का व्यापक भ्रमण कर पानी ,बिजली व चिकित्सा व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त करें। उन्होने निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में संचालित नरेगा के कार्यो, पेयजल व्यवस्था तथा चिकित्सालयों की पडताल करें। 

जिला कलेक्टर ने राजकीय भूमि का आवंटन जिस कार्य के लिए हुआ है, उसका प्रयोजन उस कार्य के लिए नहीं होने पर, ऐसे मामलों में रिपोर्ट करने तथा कडी कार्यवाही कर आवंटन निरस्त करने की कार्यवाही अमल में लाने को कहा। जिला कलेक्टर ने अवैध खनन की रोकथाम के लिए राजस्व अधिकारियों को मुश्तैदी से कार्य करने के निर्दो देते हुए कहा कि राजकीय भूमि का अवैध खनन होने पर खनन विभाग के साथ साथ राजस्व प्रासन भी अपनी कार्यवाही अमल में लाए। उन्होने खनन की गई सामग्री तथा उपकरणों की जब्तगी के साथ साथ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने को भी कहा। उन्होने अवैध खनन रोकने के लिए संयुक्त अभियान चलाने के निर्दो दिए। 

उन्होंने कहा कि अवैध खनन के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए ऐसे खनन द्वारा निकाली गई खनन सामग्री के प्रयोगकर्ताओं पर भी कार्यवाही की जाए। उन्होने बताया कि जिले में करीब एक सौ जिप्सम की इकाइया चल रही है, ऐसे में उनके संचालकों की जांच की जाए तथा उनके द्वारा प्रयुक्त जिप्सम के वैद्य दस्तावेज नहीं पाए जाने पर वहां प्रयुक्त जिप्सम की जब्तगी की कार्यवाही कर अवैध खनन प्रयोगकर्ताओं के विरूद्ध भी जुर्माना आदि कडी कार्यवाही की जाए। 

एटूरू ने बताया कि जिले में बडी संख्या कृषकों की है लेकिन किसान क्रेडिट कार्ड धारकों की संख्या अति न्यून है, ऐसे में किसान ऋण, बीमा समेत अन्य सहकारी योजनाओं का समुचित लाभ नहीं उठा पाते है। उन्होने बताया कि जिले में अधिकतम किसानों के क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होने बताया कि इस अभियान के जरिये पहले वंचित कृषकों की पहचान की जाएगी तथा तत्पश्चात विशेष शिविरों में किसान क्रेडिट कार्ड बनाये जाएगें। कृषि उप निदेशक अभियान के नोडल अधिकारी होंगे। 

जिला कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों से संवेदनशील मुद्दों पर चौकस निगाहें रखने की हिदायत देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में समस्या के गम्भीर रूप लेने से पहले ही वे सतर्क होकर कार्यवाही करें तथा अपने उच्चाधिकारियों को सूचित करें ताकि बाद में समस्या गम्भीर रूप नहीं ले पाए तथा प्रशासन को अपनी पूरी ताकत झोंकने की नौबत नहीं आए। 

बैठक में अपर कलेक्टर अरूण पुरोहित समेत उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार तथा जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

 
HAFTE KI BAAT © 2013-14. All Rights Reserved.
Top