कई सवालों में उलझी सुसाइड की गुत्थी 

मुंबई। 
मशहूर गायिका आशा भोंसले की बेटी वर्षा भोंसले की कथित आत्महत्या का मामला उलझता जा रहा है। पुलिस फिलहाल इसे आत्महत्या का मामला ही मान रही है लेकिन उसने कई ऎसे सवाल खड़े कर दिए हैं जिससे रहस्य गहरा गया है। 

किसकी गन से मारी गोली
सूत्रों के मुताबिक वर्षा ने अपने भाई आनंद के नाम रजिस्टर्ड गन से अपनी कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या की लेकिन पुलिस का कहना है कि वर्षा ने .22 की बेबी ब्रोनिंग गन से गोली चलाई थी। पुलिस गन के मालिक का पता लगा रही है। 

बेटे,भाई की गन से नहीं चली गोली
आशा भोंसले के परिवार में दो लोगों के पास लाइसेंसी गन है। एक आशा के भाई ह्रदयनाथ मंगेशकर के पास और दूसरी बेटे आनंद के पास। आशा के भाई के पास .32 की पिस्टल है जबकि आनंद के पास .45 की गन है। पुलिस यह पता करने की कोशिश कर रही है कि किस गन से वर्षा ने गोली मारी। आशा के भाई की गन गामदेवी पुलिस स्टेशन में रजिस्टर्ड है जबकि आनंद की गन एनएम जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में रजिस्टर्ड है। 

बिना ट्रेनिंग के कैसे चलाई गोली
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिस गन से वर्षा ने गोली चलाई वह काफी छोटी है। यह गन हथेली में समा जाती है। इसको लोड करने के लिए प्रोपर ट्रेनिंग चाहिए होती है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गन को हैंडल करना आसान नहीं है। पुलिस का कहना है कि गन मालिक के खिलाफ आम्र्स एक्ट के तहत लापरवाही बरतने के कारण हुई मौत का मामला दर्ज किया जाएगा। 

रविवार को या सोमवार को हुई मौत
जोन-2 के डीसीपी निसार तम्बोली ने बताया कि बर्षा भोंसले की बॉडी आत्महत्या करने के 10 घंटे बाद बरामद हुई। शव की स्थिति को देखकर लगता है कि वर्षा की मौत रविवार को हुई होगी। 

किसी ने नहीं सुनी गोली की आवाज

तम्बोली ने बताया कि किसी ने गोली की आवाज नहीं सुनी। कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। 


आशा के बेटे से होगी पूछताछ 

आशा भोंसले का बेटा आनंद इस वक्त सिंगापुर में है। मुंबई लौटते ही उससे पूछताछ की जाएगी। गाम देवी पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर प्रदीप लोनकर ने बताया कि आनंद से गन के लाइसेंस को लेकर पूछताछ की जाएगी। 

आनंद दुबई और कुवैत में होटल चलाते हैं। ये होटल आशा भोंसले के नाम से हैं। वर्षा भोंसले पेड्डर रोड स्थित बिल्डिंग में रहती थी। पहले आशा और आनंद भी यहीं रहते थे लेकिन हाल ही में आशा और आनंद लोअर परेल इलाके में स्थित पेंटा हाउस में रहने चले गए थे।

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