सचिन-धोनी के लिए सुखोई के दरवाजे बंद
नई दिल्ली।
ग्रुप कैप्टन सचिन तेंदुलकर और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की सुखोई में उड़ान भरने की हसरत पूरी नहीं हो पाएगी। वायु सेना ने अपने पुराने फैसले को पलट दिया है और भविष्य में ग्लैमर के लिए मानद रैंक बटोरने वालों से भी कन्नी काटने का निर्णय लिया है।
दो साल पहले वायु सेना ने क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को अपने ग्रुप कैप्टन के अधिकारी की रैंक से नवाजा था। उसी समय यह घोषणा की गई थी कि उन्हें देश के अग्रिम पंक्ति के विमान सुखोई-30 एमकेआई में सवारी दिलाई जाएगी।
देश के युवाओं को वायु सेना की ओर आकर्षित करने के मकसद से सितंबर 2010 में तत्कालीन वायु सेना प्रमुख पीवी नाईक ने सचिन को ग्रुप कैप्टन मानद रैंक से नवाजा था और गत वर्ष एकदिवसीय विश्व कप जीतने वाले महेंद्र सिंह धोनी को उन्होंने एयर हाउस में बुलाकर सम्मानित भी किया था।
इन दोनों को सुखोई की सवारी कराने की भी घोषणा की गई थी। वायु सेना के एक शीर्षस्थ अधिकारी ने कहा कि ग्रुप कैप्टन का ओहदा लेने के बाद सचिन ने वायु सेना की ओर मुड़कर भी नहीं देखा। दो साल हो गए हैं। हमारा सचिन से कोई सरोकार नहीं है। अब ऎसे में किसी को भविष्य में मानद रैंक देने का औचित्य ही क्या है।
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