तिथियों का खेल, इस बार धनतेरस और दीपावली होगी कुछ अनोखी!

जोधपुर.
इस बार बारस को धनतेरस, तेरस को रूप चतुर्दशी और चतुर्दशी को दीपावली मनाई जाएगी। दरअसल, अमावस्या का क्षय होने के कारण ऐसा हो रहा है। इन तीनों दिन सूर्योदयकाल और उसके बाद के समय में अलग-अलग तिथियां होने से ऐसा संयोग बन रहा है। 
दीपावली पर सूर्योदय के समय चतुर्दशी तिथि रहेगी और पर्वकाल में अमावस्या का योग बन रहा है। पंचांग की भाषा में यह तीनों दिन त्योहार उदयकालीन तिथि, सूर्योदय के समय के बजाय पर्व काल, प्रदोषकाल शाम के समय तिथि में मनाया जाएगा। कुछ पंचांगों में दीपावली पर अमावस्या तिथि का क्षय बताया गया है। पंडितों का कहना है त्योहारों पर क्षय तिथि का प्रभाव न के बराबर होता है। 
यह रहेगा तिथियों का गणित
सारणोश्वरधाम के प्रसिद्ध ज्योतिष अशोक एम पंडित ने बताया धनतेरस पर 11 नवंबर रविवार को उदयकालीन तिथि द्वादशी बारस रहेगी, जबकि दोपहर बाद त्रयोदशी लगेगी। दीपावली पर 13 नवंबर को सुबह 7.13 से अमावस्या तिथि शुरू होकर रात 3.37 बजे तक रहेगी। इस दिन उदयकालीन चतुर्दशी रहेगी। अमावस्या तिथि 13 और 14 नवंबर दोनों दिन सूर्योदय को स्पर्श नहीं कर रही है। यही अमावस्या का क्षय है।

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