पाक नेताओं को अजमेर में रोका
अजमेर। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी शुजात हुसैन के साथ शनिवार को अजमेर आए पाकिस्तानी नेताओं को वीजा दस्तावेज जयपुर भूलना भारी पड़ गया। सीआईडी ने उन्हें होटल में दो घंटे तक रोके रखा। उनके साथ शुजात हुसैन को भी रूकना पड़ा। इससे पाक दूतावास के अधिकारी उखड़ गए। उनकी सीआईडी अधिकारियों से दो घंटे बहस हुई। बाद में पाक दूतावास अधिकारियों ने मेल से दस्तावेज की प्रति मंगवाई, तब पाकिस्तानी नेता व अधिकारी जयपुर लौट सके।
चौधरी के साथ पाकिस्तानी नेता इमरान मशूद, जावेद चटा, राजा हामिद, युसूफ सलाउद्दीन, मोहम्मद इकबाल और दूतावास से काउंसलर अबरार हाशमी यहां आए।
ईद-उल-जुहा की नमाज के बाद सभी 9:30 बजे नाश्ते के लिए होटल पहुंचे। वहां सीआईडी के एफआरओ श्रवण कुमार मंडा एवं बीडी शर्मा ने हाशमी से अजमेर का वीजा मांगा। हाशमी भड़क गए और कहा वीजा के नाम पर पूर्व प्रधानमंत्री को नाश्ता करने से रोका जा रहा है। इस पर सभी ने नाश्ता किया। सीआईडी अधिकारियों ने फिर वीजा मांगा तो हाशमी ने उनसे पहचान पत्र दिखाने को कहा। सीआईडी ने साफ कहा कि बिना दस्तावेज दिखाए उन्हें जाने नहीं दिया जाएगा। इसके बाद अधिकारियों ने ई-मेल से कॉपी मंगवाई और दोपहर 12 बजे सभी को जाने दिया गया।
...मुझे पापा से मिलना है
पाकिस्तान की जेल में बंद सरबजीत की बेटी स्वप्नदीप कौर ने हुसैन से गुहार लगाई कि मुझे पापा से मिलना है। मंजूरी दिलवा दीजिए। इससे पहले स्वप्नदीप और सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने हुसैन से सरबजीत की रिहाई की मांग की। उन्होंने हुसैन को बताया कि सरबजीत की रिहाई के लिए चलाए गए हस्ताक्षर अभियान के तहत 3 लाख से ज्यादा लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं। उन्हें हस्ताक्षर युक्त एक बैनर भी हुसैन को सौंपा और कहा कि उनकी मांग पाक राष्ट्रपति तक पहुंचाएं।
पाक नागरिक ों से वीजा दस्तावेज मांगे गए थे। उनसे जबरदस्ती नहीं की गई और ना ही उन्हें नाश्ता करने से रोका गया। -प्यारेलाल उपअधीक्षक सीआईडी अजमेर जोन
हमसे कहा गया कि वीजा-पासपोर्ट दिखाओ, बाद में नाश्ता करना। हम भारत में कई जगह गए हैं अजमेर में ही ऎसा व्यवहार हुआ है। अबरार हाशमी काउंसलर, पाक दूतावास
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