जेटली गडकरी का इस्तीफा चाहते थे!

नागपुर। वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से गुजर रहे भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी को दिल्ली में हुई भाजपा की कोर ग्रुप की बैठक में फिलहाल भले ही फौरी राहत मिल गई हो, लेकिन पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार कोर ग्रुप की इस बैठक में गडकरी का मुखर विरोध हुआ। 

सूत्र बताते हैं कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली ने गडकरी के इस्तीफे की मांग कर सबको सकते में डाल दिया। इस कोर ग्रुप की बैठक में भाजपा अध्यक्ष के पाक साफ होने और पूरी पार्टी अध्यक्ष के साथ होने वाला एक संयुक्त बयान मीडिया को जारी करने का निर्णय हुआ था। 

सूत्रों के अनुसार अरूण जेटली ने ऎसे बयान पर हस्ताक्षर करने से साफ मनाकर दिया। सूत्र बताते हैं कि भाजपा अध्यक्ष गडकरी और आडवाणी ने भी जेटली को समझाने की कोशिश की, लेकिन जेटली नहीं माने। गडकरी के अपने बचाव में पूरे प्रकरण को सामान्य व्यावसायिक प्रक्रिया कहने पर जेटली ने अपना विरोध दर्ज कराया। सूत्रों का कहना है कि सुषमा स्वराज और आडवाणी जहां गडकरी को समय देने के पक्ष में थे, वहीं अरूण जेटली चाहते थे कि गडकरी तत्काल इस्तीफा देकर पार्टी की धूमिल हो रही छवि को बचाएं। 

गडकरी का "गॉडफादर" नहीं संघ
गडकरी का "गॉडफादर" होने से इनकार करते हुए आरएसएस के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने शनिवार को पटना में कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनजर भाजपा नेता को पद पर बने रहने या हटाने का निर्णय पार्टी को लेना है।

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