बेटी ने दी चौधरी को मुखाग्नि 
जयपुर/झुंझुनूं। 
जयपुर। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व पूर्व मंत्री रामनारायण चौधरी का की पार्थिव देह गुरूवार को पंचतत्व में विलीन हो गई। उनकी गुरूवार को जाट बोर्डिग में राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उनकी बेटी और मंडावा विधायक रीटा चौधरी ने मुखाग्नि दी। चौधरी का बुधवार रात करीब 12.35 बजे यहां फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया। वे 84 वर्ष के थे। 
अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ चन्द्रभान, केन्द्रीय राज्य मंत्री महादेव सिंह खंडेला,उद्योग एवं आबकारी मंत्री राजेन्द्र पारीक,हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन परसराम मोरदिया,ऊर्जा मंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह सहित कई दिग्गज नेता शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की ओर से भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ दशरथ सिंह शेखावत ने पुष्पचक्र अर्पित किया।
उनकी विधायक बेटी रीटा चौधरी ने बताया कि चौधरी कुछ समय से अस्वस्थ थे। उनके सीने में संक्रमण था। वे 52 दिन से अस्पताल में भर्ती थे। निधन की सूचना पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत देर रात अस्पताल पहुंचे और उनके परिजनों को ढांढस बंधाया। उनके परिवार में दो बेटे व तीन बेटियां हैं। चौधरी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष,उपाध्यक्ष व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जैसे प्रमुख पदों पर भी रहे। चौधरी का जन्म झुंझुनूं जिले के हेतमसर में 22 फरवरी 1928 को किसान परिवार में हुआ था। वे 1967 में पहली बार विधायक बने और सात बार विधानसभा के सदस्य रहे। मंडावा क्षेत्र के नेता चौधरी ने राज्य सरकार में सहकारिता,स्थानीय निकाय,पंचायत,पीएचईडी,यातायात,जेल व पीडब्ल्यूडी जैसे अहम महकमे संभाले। वे 1952 से कांग्रेस से जुड़े रहे। 

राजकीय सम्मान के साथ विदाई
निधन का समाचार मिलते ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत देर रात ही फोर्टिस अस्पताल पहुंच गए थे। गुरूवार सुबह मुख्यमंत्री कार्यालय में उनकी अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिष्ाद की बैठक हुई। बैठक में चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए शोक प्रस्ताव पारित किया गया और चौधरी का राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि का निर्णय किया गया। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में भी प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष रमाकांत व्यास की अध्यक्षता में शोक सभा कर चौधरी को श्रद्धांजली दी गई और शोक प्रस्ताव पारित किया गया। चौधरी के सम्मान में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर लगा पार्टी ध्वज आधा झुका दिया गया।

किसान हितैष्ाी थे चौधरी-गहलोत
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चौधरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें अनुभवी प्रशासक और किसान हित्ौषी होने के साथ ही समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए सदैव समर्पित रहने वाला बताया। वे पुरानी पीढ़ी के कद्दावर नेता थे और मेरे उनसे सदैव आत्मीय संबंध रहे। उनके द्वारा सरकार,संसदीय लोकतंत्र और संगठन में दी गई सेवाओं को सदैव याद किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शेखावत ने चौधरी को अपनी बात बेबाक कहने वाला बताया। उन्होंने कहा कि चौधरी हमेशा समस्याओं के व्यावहारिक पक्ष की ओर ध्यान आकर्षित करते थे और उनके निराकरण के लिए प्रयासरत रहते थे। वे गांव और गरीब के हितेैषी थे। परमेश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।

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