परिजनों की जागरूकता के कारण हो पाया
बाड़मेर
राजकीय अस्पताल में अनियमितताएं हावी होती जा रही हैं। शुक्रवार को अस्पताल में एक भी गायनिक डॉक्टर नहीं था, शुक्रवार को एक प्रसूता के प्रसव के बाद ब्लीडिंग शुरू हो गई प्रसूता का इलाज करने वाला कोई नहीं था। ऐसे में जिम्मेदारों को निजी अस्पताल से गायनिक डॉक्टर बुलाना पड़ा। तब कहीं जाकर प्रसूता का ऑपरेशन हुआ। बाहर से डॉक्टर बुलाने के लिए कलेक्टर की ओर से सीएमएचओ को अवगत करवाने के बाद ही यह व्यवस्था हो पाई।
॥अस्पताल में एक गायनिक डॉक्टर था। बाकी कैंप में गए हुए थे।
डॉ. आर. के. माहेश्वरी, पीएमओ
॥परिजनों का मेरे पास फोन आया था। इसके बाद मैंने कलेक्टर को फोन किया। उन्होंने सीएमएचओ से बात की। इसके बाद मेरे पास सीएमएचओ का फोन आया। फिर कुछ देर बाद निजी अस्पताल से डॉक्टर बुलाया गया और ऑपरेशन करवाया गया। अभी महिला की स्थिति गंभीर है।अस्पताल प्रशासन महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर नहीं है।
ईश्वरसिंह कोटड़ा, सरपंच कोटड़ा
फिर क्यों बुलाया निजी अस्पताल का डॉक्टर
इस बारे में जिम्मेदारों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अस्पताल में एक गायनिक डॉक्टर उपस्थित था। सवाल यह है कि जब अस्पताल में एक डॉक्टर था तो निजी अस्पताल से गायनिक डॉक्टर क्यों बुलाया गया।
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