10वीं पास नहीं दे पाएंगे क्लर्क एग्जाम
जयपुर।
इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सलेक्शन(आईबीपीएस) ने बैंकों में क्लर्क की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा परिवर्तन करते हुए इसके लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं क्लास से ग्रेजुएशन(स्नातक) कर दी है। साथ ही लिखित परीक्षा के पैटर्न में दो भारी परिवर्तन करते हुए 'पेपर-पेंसिल' और 'ओएमआर' की जगह परीक्षा को पूरी तरह 'कंप्यूटर बेस्ड' कर दिया गया है। आयु सीमा भी 18 वर्ष से बढ़ा कर 20 वर्ष कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि स्वायत्त निकाय संस्था 'आईबीपीएस' के माध्यम से बैंक अगले 5 सालों में 7.5 लाख नई नौकरियां देने वाली हैं। इसी क्रम में दिसम्बर में भी आईबीपीएस की ओर से भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इसके ठीक पहले परीक्षा पैटर्न और योग्यता के मापदंडों में परिवर्तन कर इंस्टीट्यूट ने परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं में खलबली मचा दी है।
अब 20 बैंकों के लिए होगी परीक्षा
आईबीपीएस की ओर से नवम्बर,2011 में पहली बार भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी,इसमें देशभर से करीब 35 लाख स्टूडेंट्स ने अपना भाग्य आजमाया था। 19 नेशनलाइज्ड बैंकों के लिए होने वाली यह भर्ती परीक्षा इसबार 20 बैंकों के लिए होगी। 20वें बैंक के रूप में इस वर्ष आईडीबीआई को भी शामिल किया गया है। ज्ञात हो कि इस वर्ष सभी 20 बैंको का साक्षात्कार भी संयुक्त ही होगा।
35 लाख में से 5 लाख हुए पास
गत वर्ष देश भर से लगभग 35 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया था एवं 19 बैंक संमलित थे व लगभग 5 लाख अभ्यर्थियों को पास किया गया था। गतवर्ष की लिखित परीक्षा के आधार पर अभीतक मात्र 24705 क्लर्क के रिक्त पद घोषित किये गए हैं। क्लेरिकल रिक्त पदों कि भर्ती राज्य वार की जाती है। गत वर्ष राजस्थान से लगभग 40 हजार विद्यार्थियों को उतीर्ण घोषित किया गया था।
प्रश्न घटाए,टाइम भी कम किया
बैंक क्लर्क की परीक्षा में गत वर्ष की तरह 5 सेक्शन अंग्रेजी,गणित,तार्किक शक्ति,कंप्यूटर ज्ञान,सामान्य-बैंक ज्ञान ही रहेंगे,लेकिन 50 प्रश्न प्रति सेक्शन के स्थान पर 40 प्रश्न प्रति सेक्शन होंगे। इसके साथ ही समय सीमा भी ढाई घंटे से घटाकर दो घंटे कर दी गई है। बैक क्लेरिकल 2012 परीक्षा का फॉर्म ओन्लाईन ही उपलब्ध होगा एवं 15 अक्टूबर से 5 नवंबर तक भरा जा सकेगा। परीक्षा देश भर में 112 शहरों में आयोजित कराई जाएगी। इनमें राजस्थान के 5 शहर शामिल हैं,जयपुर,जोधपुर,कोटा,अजमेर और उदयपुर।
बैंकों को फ्रेशर्स भी मिलेंगे कम्प्यूटर दक्ष
बैंक की तैयारी कराने वाले एक इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर राहुल गुप्ता के अनुसार एग्जाम के पैटर्न में बदलाव समय के हिसाब से अच्छा कदम है। एमबीए की सभी प्रमुख परीक्षाओं का कम्प्यूटराइजेशन तीन साल पहले ही शुरू हो गया था। इससे परीक्षा परिणाम जल्दी निकल जाता है व आगे की परीक्षाओं के लिए ज्यादा बेहतर डाटा एनालिसिस हो सकता है। उनके अनुसार आज के युग में हर क्षेत्र में कंप्यूटर में निपुण होना अनिवार्य है,इसके तहत अगर परीक्षा में चयन भी एक कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट से होता है तो कुछ गलत नहीं,बैंको को कंप्यूटर में दक्ष कर्मचारी चाहिए व इस टेस्ट के माध्यम से बैंको को यह डर नहीं रहेगा कि कर्मचारी को कितना कंप्यूटर नॉलेज है।
ये हैं मुख्य बदलाव:
परीक्षा का प्रारूप - पुराना पैटर्न: पेपर पेंसिल ओएमआर बेस्ड,नया पैटर्न: कंप्यूटर बेस्ड
परीक्षा की पात्रता - पुराना पैटर्न: दसवीं पास,नया पैटर्न: स्नातक
न्यूनतम आयु - पुराना पैटर्न: 18 वर्ष,नया पैटर्न: 20 वर्ष
परीक्षा का समय - पुराना पैटर्न: 150 मिनट (ढाई घंटा),नया पैटर्न: 120 मिनट (2 घंटा)
प्रश्नों की संख्या - पुराना पैटर्न: 250 प्रश्न (50 प्रश्न/5 खंड),नया पैटर्न: 200 प्रश्न (40 प्रश्न/5 खंड)
सम्मिलित बैंको की संख्या - पुरान पैटर्न: 19 बैंक,नया पैटर्न: 20 बैंक(इस वर्ष आईडीबीआई भी शामिल)
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